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# All Trigonometry Formulas For Class 10, 11, 12 (PDF)

## Trigonometry Formulas For Class 10

Trigonometry is an important part of math. Trigonometry is important in terms of board examination. Therefore, to solve the problems of trigonometry, it is necessary to remember the formulas. For this reason, in this article of All Trigonometry Formulas For Class 10, 11, 12, we have shown how to remember through logic.

### Trigonometric Ratio

In a right-angled triangle, the opposite side of a given angle is perpendicular, the opposite side of the right angle is the hypotenuse and the third side is the base.

In ΔABC,
∠=90°,∠C=θ

∴ The side AC is the hypotenuse,
AB is perpendicular
and BC is the base.

From the Pythagoras theorem,

## Relationship between arms and angles

Finding the formulas of cosec, sec, and a cot can be obtained by reversing the formulas of sin, cos, and tan.

This means that the formula of cosec will be the inverse of sin, the formula of sec will be the inverse of sec, the formula of cot will be inverse of tan. The numerator is replaced by the numerator and denominator.

#### Ratios Of Particular Angle Trigonometry Formulas For Class 10

The ratio formula of trigonometry is very important from this point of view. Which is important for all classes of students. In The Ratio Trigonometry Formulas For Class 10, you can remember sin, cos, and tan value. and the other three are opposite like this sin is to Reverse cosec. cos is Reverse to sec and tan Reverse to cot

### The trigonometrical function of the sum

There are definite relations between trigonometric functions of two angles of a triangle.

In this article, “Trigonometry Formulas For Class 10” of math is given. It is based on these relations, especially their sum and difference.

# 4 Table- Learn Multiplication Table of 4 with PDF Chart & Tricks

4 Table- 4 is an even, natural and whole number. All numbers in the table of 4 are divisible by 2. All the numbers in the table of 4 are even numbers. Table of 4 contains 3 perfect square numbers 4, 16, and 36 up to 10 times. 4 is a perfect square number.

Table 4 is given in this article up to 50 times. If you want to learn through PDF, then this PDF chart link is given below, from where you can download it.

If you want to learn 4’s table in word, then 4’s table is given in word. Two tricks have been done to learn it quickly, with the help of which you will learn this table quickly. If you learn this table quickly, then you will solve maths questions quickly.

## 4 table in Word

• 4 times 1 is 4 (4×1 =4)
• 4 times 2 is 8 (4×2 =8)
• 4 times 3 is 12 (4×3 =12)
• 4 times 4 is 16 (4×4 = 16)
• 4 times 5 is 20 (4×5 = 20)
• 4 times 6 is 24 (4×6 = 24)
• 4 times 7 is 28 (4×7 = 28)
• 4 times 8 is 32 (4×8 =32)
• 4 times 9 is 36 (4×9 = 36)
• 4 times 10 is 40 (4×10 = 40)

## 4 Times table tricks

Step-1 In this trick, first make the shape of m. Write 2, 4, 6 more numbers according to the picture.

Step-2 In the picture below put a zero in front of the numbers at the top of the first m shape. After this, write 1 except 0 in front of the numbers below the first m shape. Write 2 in front of all the numbers above the second m shape. Lastly, write 3 except 0 in front of the numbers under the second m shape.

## 2nd 4 times table tricks

In this trick, make 3 columns and 10 rows as shown in the picture. Write 4 first and add 4 to 4 (4+4 = 8). Adding 4 to 4 gives 8. Now add 4 to 8. Adding 4 to 8 gives 12. Now add 4 to 12. Adding 4 to 12 gives 16. Now add 4 to 16. Adding four to 16 gives 20. Continue this process until 40 is obtained. Through this trick, you can write the table of 4 without remembering it.

# वास्तविक संख्या किसे कहते हैं? इसकी परिभाषा, गुण, प्रकार सूत्र और उदहारण आदि

## वास्तविक संख्या किसे कहते हैं?

वास्तविक संख्या किसे कहते हैं?वे सभी संख्याएं जो हम अपने किताब में या अन्य कहीं पर देखते हैं, वे सभी संख्याएँ वास्तविक संख्याएँ हैं। वास्तविक संख्याओं को R से प्रदर्शित किया जाता है।

हम अपने चारो तरफ जीतनी भी संख्याये यह सभी वास्तविक संख्याएं हैं वास्तविक संख्याओं का प्रयोग वस्तुओं को गिनने में, तापमान का पता लगाने में, भिन्न और दशमलव को दर्शाने में किया जाता है वास्तविक संख्याएं कई प्रकार की होती हैं इस अध्याय में हम सभी वास्तविक संख्याओं के बारे में जानेंगे

## वास्तविक संख्या की परिभाषा

सभी प्रकार की संख्याएँ जो हमारे आस-पास होती है। वास्तविक संख्याएँ कहलाती है। जैसे प्राकृतिक संख्याएं, पूर्ण संख्याएं, पूर्णांक संख्याएं, परिमेय संख्याएं, अपरिमेय संख्याएं आदि सभी वास्तविक संख्याएं है।

## वास्तविक संख्या के महत्वपूर्ण बिंदु

सभी संख्याएं वास्तविक संख्या है। लेकिन सम्मिश्र संख्याओं (complex number) को छोड़कर। सम्मिश्र संख्याओं (complex number) वास्तविक संख्या नहीं है।

• वस्तुओ को गिनने में वास्तविक संख्या का प्रयोग होता है, जो एक वास्तविक संख्या है। उदाहरण- N = 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7 ….. आदि।
• प्राकृतिक संख्याओं में 0 को शामिल कर लिया जाये तो वे पूर्ण संख्या कहलाती है। पूर्ण संख्या भी वास्तविक संख्या है। उदाहरण = W = 0, 1, 2, 3, 4, 5 …… आदि।
• यदि पूर्ण संख्या में ऋण संख्या को भी शामिल कर लिया जाए तो वह पूर्णांक संख्या कहलाती है। पूर्णांक संख्या एक वास्तविक संख्या है। उदहारण – Z = …,-4, -3, -2, -1, 0, 1, 2, 3, -4… आदि
• परिमेय संख्या भी एक वास्तविक संख्या है। उदहारण – 1/2, 4/5, 7/9 आदि परिमेय संख्याएं है।

## वास्तविक संख्या के प्रकार

मिश्रित संख्या को छोड़कर सभी संख्याएं वास्तविक संख्याएं है। जैसा की निम्न चित्र में दिया गया है।

## वास्तविक संख्या के गुण

वास्तविक संख्या के गुण निचे दिया है।

### क्लोजर प्रॉपर्टी (Closure Property)

• दो वास्तविक संख्याओं का योग वास्तविक संख्या होती है।
• दो वास्तविक संख्या का गुणनफल वास्तविक संख्या ही होता है।

### संबंधी संपत्ति (Associative Property)

तीन वास्तविक संख्या को किसी भी स्थिति में जोड़ा जाये योगफल वास्तविक संख्या होता है। जैसे a + (b + c) = (a + b) + c and a × (b × c) = (a × b) × c

### क्रमचयी गुणधर्म (Commutative Property)

दो वास्तविक संख्याओं का योगफल वही रहता है। यदि उनका क्रम बदल दिया जाएं। जैसी a + b = b + a और a × b = b × a

### वितरण की जाने वाली संपत्ति (Distributive Property)

वास्तविक संख्याओं को जोड़ने पर गुणन का वितरण a × (b + c) = (a × b) + (a × c) है। घटाव पर गुणन a × (b – c) = (a × b) होता है।

## वास्तविक संख्या के सूत्र

a = bq + r, 0 ≤ r < b जहाँ a और b पूर्णांक संख्या, q पूर्ण संख्या

### क्या 0 वास्तविक संख्या है?

शून्य एक वास्तविक संख्या है।

### वास्तविक संख्या के 2 प्रकार क्या हैं?

वास्तविक संख्या के 2 प्रकार 1. पूर्ण संख्या, 2. पूर्णाक संख्या

### क्या 3 एक वास्तविक संख्या है?

हाँ ! 3 एक वास्तविक संख्या है। और साथ-साथ यह पूर्ण संख्या है।

### सबसे बड़ी वास्तविक संख्या कौन सी है?

सबसे बड़ी वास्तविक संख्या नहीं होती है। अनंत को सबसे बड़ी है।

### क्या एक अपरिमेय संख्या एक वास्तविक संख्या है?

हाँ! अपरिमेय संख्या एक वास्तविक संख्या है।

### सबसे छोटी वास्तविक संख्या कौन सी है?

– ∞ (अनंत) सबसे छोटी वास्तविक संख्या है।

# अयस्क क्या है? इसकी परिभाषा, प्रकार एवं गालक की परिभाषा

## अयस्क क्या है?

वे खनिज जिससे शुद्ध धातु आसानी से प्राप्त किया जा सके अधिक मात्रा में उसे अयस्क कहते हैं।

## अयस्क के प्रकार

अयस्कों के मूल रासायनिक प्रकार निम्नलिखित है-

### 1- ऑक्साइड

जैसे – बाक्साइड ( Al2O3 .2H20), मैग्नेटाइट (Fe3O4) क्यूप्राइट(Cu2O) आदि

### 2- कार्बोनेट

जैसे – सीडेराइट(FeCO3), लाइमस्टोन (CaCO3), मैग्नेसाइट (MgCO)

### 3-सल्फाइड

जैसे – आयरन पापराइट (FeSO2), सिल्वर ग्लांस (Ag2S),गैलना( Pbs)

### 4-हैइलाइट

जैसे- हान् सिल्वर( AgCl), कानेरलाइट( KCl.MgCl.6H2O), कायोलाइट (Na3AlF6)

## आघात्री या मैट्रिक्स

अयस्क में मिट्टी के कण बालू, पत्थर छोटे-छोटे टुकड़े आदि अशुद्धियों के रूप में मिला होता है, जिसे आघात्री या मैट्रिक्स कहते हैं।

• अयस्क, कार्बन और चूना पत्थर के मिश्रण को घान कहते हैं।

## गालक तथा धातुमल

वे रासायनिक पदार्थ जो अयस्क में उपस्थित अलगनी अशुद्धियों से क्रिया करके उन्हें गलनी पदार्थ में बदल देते हैं। उन्हें गालक कहते हैं, तथा गलनी पदार्थ धातु मल कहलाता है।

## गालक के प्रकार

गालक दो प्रकार के होते हैं।

### अम्लीय गालक

जो गालत क्षारीय अशुद्धियों को दूर करने के लिए प्रयोग किया जाता है। अम्लीय गालक कहलाता है।

जैसे- FeO + SiO2 ➡️ FeSiO3

### क्षारीय गालक

वह गालत जो अम्लीय अशुद्धियों को दूर करने के लिए किया जाता है , क्षारीय गालक कहलाता है।

जैसे- CaCO3 + SiO2 ➡️ CaSiO3 + CO2

### धातु कर्म

धातुओ को उनके अयस्क से शुद्ध रूप से प्राप्त करने की क्रिया को धातु कर्म कहते हैं।

धातु कर्म में निम्नलिखित पद प्रयोग होते हैं

### अयस्क का पीसना

अयस्क के बड़े टुकड़ों को हथौड़े से पीटकर छोटे-छोटे टुकड़ों में बदल दिया जाता है।

### अयस्क का सांद्रण

अयस्क से अशुद्धियां दूर करने की प्रक्रिया आयुक्त अयस्क का सांद्रण या प्रसाधन कहलाता है।

# 3 Table- Learn Multiplication Table of 3 with PDF Chart & Tricks

3 table– 3 is a prime number as well as an odd number. 3 times table up to 10 has 5 odd numbers, 5 even numbers, and a prime number. Trick to remember 3’s table is given

## 3 times table in word

• 3 times 1 is 3 (3 x 1 = 3)
• 3 times 2 is 6 (3 x 2 = 6)
• 3 times 3 is 9 (3 x 3 = 9)
• 3 times 4 is 12 (3 x 4 = 12)
• 3 times 5 is 15 (3 x 5 = 15)
• 3 times 6 is 18 (3 x 6 = 18)
• 3 times 7 is 21 (3 x 7 = 21)
• 3 times 8 is 24 (3 x 8 = 24)
• 3 times 9 is 27 (3 x9 = 27)

## 3 Times table tricks

Step-1 First make a table of 9 empty boxes. As shown in the following picture.

Step-2 Write the count in all the boxes from 1 to 9. Start writing the count from the bottom box of the Fast column.

Step-3 Write 0 in the first row, 1 in the second row, and 2 in the third row as in the following picture. In the last, write 3 in front of 0. Now the table of 3 is ready.

## 2nd 3 multiplication table tricks

In this trick, 3 is added to the result obtained, as given.

## Addition of 3rd table up to 10 times

3+6+9+12+15+18+21+24+27+30 = 165

### How much is 3 times 2?

3 times 2 equals 6.

### How much is 3 times 4?

3 times 4 equals 12.

### How much is 3 times 5?

3 times 5 equals 15.

### How much is 3 times 6?

3 times 6 equals 18.

### How much is 3 times 7?

3 times 7 equals 21.

# दोलन गति क्या है? इसकी परिभाषा, प्रकार, सूत्र और उदहारण

## दोलन गति क्या है?

यदि कोई पिंड आवर्त गति करते हुए एक निश्चित पथ पर किसी निश्चित बिंदु के सापेक्ष इधर-उधर गति करता है। तो इस प्रकार की गति को कंपन गति (vibration motion) या दोलन गति (oscillation motion) कहते हैं।

जैसा चित्र में एक सरल लोलक प्रदर्शित किया गया है। जिसकी साम्य स्थिति O  है। यदि गोलक को साम्य स्थिति O से A तक लाकर छोड़ देने पर, वह बिंदु A से O और O से B तक फिर बिंदु B से O तक और O से बिदु A तक दोलन करता है। सरल लोलक की गति आवर्त गति होती है।

## दोलन की परिभाषा

“कोई पिंड अपने साम्य से इधर से उधर गति करे उसे दोलन गति कहते है।” दोलन गति की दिशा हमेशा साम्य की तरफ होती है। दोलन गति एक तरह की आवर्त गति होती है। लेकिन प्रतेक आवर्त गति दोलन गति नहीं होती है।

## दोलन गति के गुण

• इसकी गति की दिशा हमेशा साम्य की होती है।
• यह एक प्रकार की आवर्त गति है।
• सभी आवर्त गति दोलन गति नहीं होती है।
• दोलन गति टॉप पर सबसे अधिक होती है।
• यदि दोलन करते पिंड की लम्बाई बड़ा दिया जाये तो उसका आवर्त काल बढ़ जाता है। यदि लम्बाई घटा दिया जाये तो आवर्त काल कम हो जाता है।

## दोलन गति के महत्वपूर्ण टर्म

### आवर्त काल

किसी पिंड को एक दोलन पूरा करने में जितना समय लगता है। उसे दोलन काल कहते है। इसका मात्रक सेकंड होता है। आवर्त काल को T से दर्शाते है।

### आयाम

कोई पिंड दोलन करते हुए साम्य स्थिति के जितना दूर जाता है। उसे आयाम कहते है।

### आवृति

दोलन करते हुए पिंड द्वारा एक सेकंड में जितना दोलन करता है, उसे आवृति कहते है। या किसी पिंड द्वारा एक सेकंड में जितना कम्पन करता है उसे आवृति कहते है। आवृति का मात्रक प्रति सेकंड होता है। आवृति को n से दर्शाते है।

### आवर्त काल और आवृति के बीच सम्बंध सूत्र

आवर्त काल = 1 / आवृति (T = 1 / n), आवृति = 1 / आवर्त काल (n = 1 / T)

## दोलन गति के उदाहरण

• दीवाल घड़ी का पेंडुलम
• झूला झूलती हुए लड़की
• musical instrument का कंपन

## दोलन गति के प्रकार

दोलन गति दो प्रकार की होती है। 1. रैखिक दोलन गति, 2. वृत्तीय दोलन गति

### रैखिक दोलन गति

रैखिक गति में, वस्तु बाएँ और दाएँ या ऊपर और नीचे चलती है। इस प्रकार की रैखिक गति के कुछ उदाहरण नीचे दिए गए हैं:

रेखीय दोलन गति में वस्तु बाएँ से दाएँ या दाएँ से बाएँ और ऊपर से निचे या निचे से ऊपर गति कराती है।

#### रैखिक दोलन गति के उदाहण

• संगीत वादक यंत्रो के तारों का कंपन।
• U-tube कॉलम में द्रव की गति।
• समुन्द्र में तैरते हुए जहाज

### वृत्तीय दोलन गति

वृत्ताकार गति में वस्तु यद्यपि बायें से दायें चलती है लेकिन वृत्ताकार रूप में। इस प्रकार की गति के कुछ उदाहरण नीचे दिए गए हैं:

वृत्तीय दोलन गति में वस्तु बायें से दायें वृत्ताकार पथ पर दोलन कराती है। उदाहरण निचे दिया गया है।

#### वृत्तीय दोलन गति के उदाहरण

• आधे खोखले गोले में ठोस गोले की गति।
• दीवाल घडी में लोलक (pendulum) की गति।
• एक किल के सहारे लटकी हुए वस्तु।
• झूला झूलती हुए लड़की।

### दोलन गति क्या है?

किसी साम्य स्थिति (fix point) तरफ इधर-उधर गति करती वस्तु

### क्या दोलन गति आवर्त गति है?

हाँ! दोलन गति एक आवर्त गति है।

### क्या सभी आवर्त गति दोलन गति होती है?

नहीं! सभी आवर्त गति दोलन गति नहीं होती है। लेकिन सभी दोलन गति आवर्त गति होती है।

T = 2π√m/k

### आवर्त काल का मात्रक क्या है?

आवर्त गति का मात्रक सेकंड होता है।

### आवृति का मात्रक क्या होता है?

आवृति का मात्रक प्रति सेकंड होता है।

### आवर्त काल और आवृति के बीच संबन्ध क्या है?

आवर्त काल = 1 / आवृति (T = 1 / n)

### क्या आवर्त काल बढ़ाने से आवृति बढ़ जाएगी।

नहीं! आवर्त काल बढ़ाने से आवृति घट जाती है।

# 2 Table- Easy Multiplication Table of 2 with PDF Chart & Tricks

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2 Table:- In this lesson, we will learn the table of 2. Memorizing the table of 2 is very easy, and we will Memorize table 2 fast with the help of amazing tricks.

There is such a means of pdf chart, with the help of which you can learn the table of 2 offline.

The Students who remember the multiplication table. Those students solve maths questions very quickly. By remembering the table, students are saved from doing extra calculations.

## 2 Times Table in Word

• 2 times 1 is 2, ( 2×1 = 2)
• 2 times 2 is 4, (2×2 = 4)
• 2 times 3 is 6, (2×3 = 6)
• 2 times 4 is 8, (2×4 = 8)
• 2 times 5 is 10, (2×5 =10)
• 2 times 6 is 12, (2×6 = 12)
• 2 times 7 is 14, (2×7 =14)
• 2 times 8 is 16, (2×8 = 16)
• 2 times 9 is 18, (2×9 = 18)
• 2 times 10 is 20, (2×10 = 20)

## Properties of the multiplication table of 2

• All the numbers in this table are even. So we can say that all the numbers divisible by 2 are even.
• Its last digits are 2, 4, 6, 8 and 0.
• The difference of 2 between its two consecutive numbers is.

## 2 times table math tricks

Step-1 Take an empty box of 5 columns and 2 rows in it.

Step-2 दोनों रौ में २, ४, ६, ८, और 0 चित्र के अनुसार लिखदे।

Step3 In the first row, write zero in front of all the digits except the last box. In the second row, write 1 in front of all the digits except the last box. As shown in the picture.

### 2nd 2 times table tricks

In the second trick, keep adding numbers as shown in the picture.

# 13 Table – Learn Multiplication Table of 13 with Tricks (PDF)

Table of 13 is very important to learn in kids’ life. Memorizing the table helps solve math problems quickly. Memorizing 13 table is a bit difficult than other In this article, the trick to remember the table of 13 has been told so that the table of 13 can be memorized quickly. tables if you forget 13 table time and again.

In this article, the trick to remember the table of 13 has been told so that these can be memorized quickly.

## 13 table chart

This is a standard multiplication chart of 13 with a table of 13 up to 10 times. With the help of this table, you can easily solve maths questions.

## 13 Table math tricks

Here 4 tricks are given to find the table of 13 quickly. I hope you will like any one of these four tricks.

### Tricks No-1

Step-1 Make a table containing 9 boxes as given in the figure below.

Step-2 Write the count from 1 to 9 in these table boxes. As shown in the following picture.

Step-3 Write numbers from 1 to 11 except 4, 8, 12 as shown in the picture.

13×10 = 130 We know it

### Trick No-2

Step-1 Write numbers from 1 to 13 except 4, 8 and 12

Step-2 Write the multiplication table of 3 up to 10 times. As written below

Step-3 Add the last number of table 3 with the number given in step-1. as pictured

Trigonometry formula

Prime Number

# Trigonometry table class 10, 11, 12 (sin cos tan table) from 0 360 (PDF)

## Trigonometry table class 10, 11, 12

A trigonometry table is a systematic arrangement in which all those angles are kept which are used more in solving math problems. Ex – 0°, 30°, 45°, 90°, 120°, 135°, 150°, 180°, etc.

In this trigonometry table, the values of sin, cos, tan, cosec, sec, and cot are given from 0° to 360°.

In this article, the trigonometry ratio table has been described in several parts. Trigonometry table 0 90 in the first part, Trigonometry table 0 180 in the second part, Trigonometry table 0 270 in the third part, and Trigonometry table 0 360 tables in the fourth part is given in PDF format. This trigonometry table is useful in solving math problems of classes 10, 11, and 12.

### What is Trigonometric Table?

trigonometric table An array arrangement in which all the ratios of trigonometry are kept in order. So that the ratio values of sin, cos, tan, cosec, sec, and cot can be easily obtained and remembered. In this trigonometry table, the values of sin, cos, tan, cosec, sec, and cot are given from 0 to 360.

### Trigonometry table 0 180

#### Cosec sec cot table

Cosec, sec & cot table in PDF from 0 to 180 degrees

pdf

### Trigonometry table 0 360

#### Sin cos tan table

sin cos tan table pdf

# अभाज्य संख्या क्या है? इसकी परिभाषा, प्रकार, गुण और उदहारण

## अभाज्य संख्या क्या है?

अभाज्य संख्या उन संख्याओं को कहा जाता है, जो स्वयं और 1 से विभाजित होते हैं। जैसे 2, 3, 5, 7, 11 आदि अभाज्य संख्याएं हैं। यह संख्या है केवल स्वयं और 1 से विभाजित होती है।

## अभाज्य संख्या की परिभाषा

केवल स्वयं और 1 से विभाजित होने वाली संख्याएं अभाज्य संख्या होती है।

## अभाज्य संख्याओं के गुण

अभाज्य संख्याओं के गुण निम्न पैराग्राफ में दिए गए हैं।

• सभी अभाज्य संख्याएं एक से बड़ी होती हैं, और यह पूर्ण संख्याएं होती है।
• अभाज्य संख्याओं के केवल 2 गुणनखंड होते हैं पहला एक और दूसरा स्वयं।
• 2 ही एक ऐसी संख्या है, जो सम अभाज्य संख्या है।
• दो अभाज्य संख्या है, एक दूसरे की सह अभाज्य संख्या संख्याएं होती है।
• प्रत्येक अभाज्य संख्या का केवल दो ही गुणनखंड होता है इसका अर्थ यह है, कि अभाज्य संख्याओं को गुणनखंड के रूप में व्यक्त किया जा सकता है।

## अभाज्य संख्या कैसे ज्ञात करें

अभाज्य संख्या ज्ञात करने के लिए कई तरीके हैं, जिनमें से एक तरीका निम्न में दिया गया।

अभाज्य संख्याएँ ज्ञात करने के विभिन्न तरीके हैं। आइए इनमें से दो तरीकों के बारे में जानते हैं।

पहला नियम: n2 + n + 41′ सूत्र का प्रयोग करके कई बड़ी अभाज्य संख्या ज्ञात की जा सकती हैं जहाँ n एक पूर्ण संख्या है। कुछ उदाहरण नीचे दिए गए हैं

यदि n का मान रखा जाए तो इस सूत्र से 41 अभाज्य संख्या प्राप्त होगी 02 + 0 + 41 = 0 + 41 = 41

यदि n का मान एक रखा जाए तो प्राप्त होने वाली अभाज्य संख्या 43 होगी
12 + 1 + 41 = 2 + 41 = 43
इसी प्रकार n का मान 2 रखा जाए तो प्राप्त होने वाली अभाज्य संख्या 47 होगी

22 + 2 + 41 = 6 + 41 = 47

इस चित्र की सहायता से हम 40 बड़ी अभाज्य संख्याओं को ज्ञात कर सकते हैं
इसी तरह जारी रखते हुए, आप 40 से बड़ी सभी अभाज्य संख्याओं की गणना कर सकते हैं।

दूसरी विधि

इस विधि में आवाज संख्या ज्ञात करने के लिए 6n + 1 या 6n-1′ सूत्र का प्रयोग कर सकते हैं दो और तीन अभाज्य संख्याओं को छोड़कर सभी अभाज्य संख्याओं को 6n + 1 या 6n-1′ के रूप में लिखा जा सकता है जहां पर एक पूर्ण संख्या है इस सूत्र मे n का मान अलग अलग रखकर अभाज्य संख्याएं ज्ञात की जा सकती है उदाहरण के रूप म

6(1) – 1 = 5
6(1) + 1 = 7
६(२) – १ = ११
६(२) + १ = १३
5, 7, 11 और 13 ये सभी अभाज्य संख्याएं हैं

# पूर्णांक संख्या किसे कहते हैं? इसकी परिभाषा, प्रकार, गुण और उदहारण

पूर्णांक का अंग्रेजी शब्द “integer” को लैटिन से लिया गया है। जिसका अर्थ है, सम्पूर्णपूर्ण संख्या में ऋणात्मक संख्या (negative number) को भी सामिल कर लिया जाये तो पूर्णांक संख्या (integer number) कहते है।

## पूर्णांक संख्या किसे कहते हैं?

वे सभी धनात्मक और ऋणात्मक संख्या (negative number) जिनमे शून्य भी शामिल हो पूर्णांक संख्या (integer number) कहते है। पूर्णांक संख्या (integer number) में दसमलव (decimal), भिन्न संख्याएँ नहीं शामिल है। पूर्णांकों के उदाहरण: -5,-2, -1, 0, 1, 5, 8, 97 है। पूर्णांकों को Z द्वारा प्रदर्शित किया जाता है।

## पूर्णांक संख्या की परिभाषा

पूर्ण, ऋणात्मक और शून्य संख्याओं के समूह को जिनमे दसमलव (decimal) और भिन्न न शामिल हो पूर्णांक की श्रेणी में आते है।

## पूर्णांक संख्या के प्रकार

पूर्णांक संख्या (integer number) तीन प्रकार की होती है।

### धनात्मक पूर्णांक (positive integer)

वे सभी प्राकृतिक संख्या जिनका मान शून्य से अनंत  (1, 2, 3, 4, 5 —— ∞) तक होता है, प्राकृतिक संख्या धनात्मक पूर्णांक (positive integer) कहलाती है इनका मान
(1, 2, 3, 4, 5 —— ∞)

### ऋणात्मक पूर्णाक

वे सभी संख्याये जिनका मान ऋणात्मक होता है या सभी ऋणात्मक संख्या (negative number) ऋणात्मक पूर्णांक (negative integer) कहलाती है। इनका मान -1 से -∞ तक होता है इनका मान (-1, -2, -3, -4, -5……. -∞)

### शून्य पूर्णांक

शून्य को न तो ऋणात्मक और न ही धनात्मक पूर्णांक (positive integer) के रूप में परिभाषित किया जाता है। यह एक पूर्ण संख्या है।

शून्य को ना ही धनात्मक पूर्णांक (positive integer) और ना ही ऋणात्मक पूर्णांक संख्या (negative integer number) कहाँ जा सकता है, इसे केवल पूर्णांक संख्या (integer number) कहाँ जा सकता है। अतःशून्य केवल पूर्णांक संख्या (integer number) है।

## पूर्णांकों की संख्या रेखा

संख्या रेखा पर किसी भी प्रकार की संख्याओं को निश्चित अंतराल पर प्रदर्शित किया जाता है। संख्या रेखा का प्रयोग संख्याओं की तुलना करने के लिए किया जाता है। यह अनंत तक क्षैतिज रूप से फैली हो सकती है।

अन्य संख्याओं की तरह पूर्णांक संख्या (integer number) को भी संख्या रेखा पर प्रदर्शित किया गया है।

• संख्या रेखा में संख्या सदैव बायीं से दायी ओर लिखी जाती है।
• पूर्णांक के संख्या रेखा में 0 के दायी ओर धनात्मक संख्याये, क्योकि ये 0 से बड़ी होती है।
• पूर्णांक रेखा ऋणात्मक संख्याये (negative numbers) 0 के बायीं ओर रखी जाती है। क्योकि ये संख्याये 0 से कम होती है।
• शून्य ना ही धनात्मक है, और ना ही ऋणात्मक है। इसलिए इसे बीच में रखा जाता है।

## पूर्णांकों के नियम

पूर्णांकों के नियम में हम पूर्णांकों के योग, घटाव, गुणन और विभाजन के बारे में जानेगे।

### पूर्णांकों का योग

#### दो पूर्णांकों के योग

इसमें दो पूर्णांकों के योग के विषय में बताया गया है। जब दोनों पूर्णांक धनात्मक हो या उनमे से एक ऋणात्मक हो।

##### दो पूर्णांकों का योग यदि दोनों पूर्णांक धनात्मक हो।

जब दो पूर्णांकों धनात्मक हो और उनका योग किया जाये योगफल वाली संख्या धनात्मक होगी। जैसे 5 + 2 = 7, यहाँ पर 5, 2 और 7 तीनो धनात्मक है।

##### दो पूर्णांकों का योग यदि एक धनात्मक और दूसरा ऋणात्मक हो।

यदि दो पूर्णांकों के योग में एक धनात्मक हो और दूसरा ऋणात्मक हो तो योग करने के बाद बड़ी संख्या में से छोटी संख्या घट जाती है। और प्राप्त परिणाम में बड़ी संख्या का चिन्ह लगा देते है।

जैसे – (-5 + 2) = -3, इसमें -5 ऋणात्मक और सबसे बड़ी है। इसलिए -5 में से 2 घट जायेगा। 5 में से 2 घटने पर 3 बचेगा। बड़ी संख्या ऋणात्मक है, इसलिए बड़ी संख्या का चिन्ह प्राप्त परिणाम 3 में लगा देंगे। जो -3 होगा।

इसी प्रकार यदि 2 ऋणात्मक और 5 धनात्मक हो परिणाम धनात्मक होगा।

दो पूर्णांकों को जोड़ने पर हमें निम्नलिखित स्थितियाँ प्राप्त होती हैं:

### पूर्णांकों का घटाव

दो पूर्णांकों करते समय बड़ी संख्या से छोटी संख्या घटाते है। प्राप्त परिणाम में बड़े संख्या का चिन्ह लगते है। यदि बड़ी संख्या ऋणात्मक होगी प्राप्त परिणाम ऋणात्मक होगा। यदि बड़ी संख्या धनात्मक होगी तो परिणाम भी धनात्मक होगा।

जैसे:- 12 और -20 को जोड़ने पर 8 प्राप्त होता है। लेकिन 20 ऋणात्मक है। इसलिए प्राप्त परिणाम सामने ऋणात्मक का चिन्ह लगाएंगे। अतः परिणाम -8 होगा। इसी प्रकार यदि बड़ी संख्या धनात्मक होगी तो प्राप्त रिजल्ट भी धनात्मक होगा।

### पूर्णांकों के गुणा

दो पूर्णांकों के गुणा में यदि दोनों संख्या धनात्मक है, तो परिणाम भी धनात्मक होगा। यदि एक संख्या ऋणात्मक है, टॉप प्राप्त परिणाम भी ऋणामतक होगा।

जैसे – 5×7 = 35 इसमें दोनों संख्याये धनात्मक है, तो परिणाम भी धनात्मक है। -5×7 = -35 इसमें एक संख्या ऋणात्मक है, तो इसका परिणाम भी ऋणात्मक है।

• दो पूर्णांकों के गुना में यदि दोनों संख्या धनात्मक होगी तो परिणाम भी धनात्मक होगा।
• दो पूर्णांकों के गुणा में यदि एक संख्या ऋणात्मक है तो परिणाम भी ऋणात्मक होगा।
• दो पूर्णांकों के गुणा में यदि दोनों संख्याये ऋणात्मक होंगी तो परिणाम भी ऋणात्मक होगा।

### पूर्णांकों के भाग

• दो धन पूर्णांकों का भाग धन होता है।
• एक धन और एक ऋण पूर्णांकों का भाग ऋण होता है।
• एक ऋण और एक धन पूर्णांकों का भाग ऋण होता है।
• दो ऋण पूर्णांकों का भाग ऋण होता है।

### सबसे छोटी पूर्णांक संख्या कौन सी है?

सबसे छोटी पूर्णांक संख्या अभी तक ज्ञात नहीं है। -व् कह सकते है।

### 50 कौन सा पूर्णांक है?

50 धन पुराणक है। क्योकि 50, 0 से बड़ा है। 0 से बड़ी सभी संख्याये धनात्मक पूर्णांक (positive integer) है। दसमलव (decimal) और भिन्न संख्याओं को छोड़कर।

### क्या सभी परिमेय संख्या पूर्णांक होती है?

नहीं! परिमेय संख्याये पूर्णांक संख्या नहीं हो सकती है।

### सबसे बड़ी पूर्णांक संख्या

सबसे बड़ी पूर्णांक संख्या अभी तक ज्ञात नहीं है। को सबसे बड़ी पूर्णांक संख्या कह सकते है।

### क्या 3.2 एक पूर्णांक संख्या है?

3.2 पूर्णांक संख्या नहीं है।

### 1 से 10 तक के पूर्णांक क्या हैं?

1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10

### क्या 4 एक पूर्णांक संख्या है?

हाँ ! 4 एक पूर्णांक संख्या है।

### क्या 0.2 एक पूर्णांक संख्या है?

नहीं! 0.2 एक पूर्णांक संख्या नहीं है। क्योकि यह दमसमलव संख्या है। दसमलव (decimal) संख्या पूर्णांक संख्या नहीं है।

### क्या 7 एक पूर्णांक संख्या है?

7 एक पूर्णांक संख्या है। और साथ -साथ यह धनात्मक है, यह एक धनात्मक पूर्णांक (positive integer) है।