विषम संख्या किसे कहते हैं? इसकी परिभाषा, प्रकार, गुण व उदाहरण PDF के साथ

इस अध्याय में हम जानेगे विषम संख्या किसे कहते हैं? विषम संख्या की परिभाषा, विषम संख्या के गुण व उदाहरण।

विषम संख्या किसे कहते हैं?

वे संख्याये जो दो से विभाजित नहीं होती है। इनको दो बराबर पूर्ण संख्याओं में नहीं बाटा जा सकता है। जैसे – 1, 3, 5, 7, 9, 11, 13 आदि।

विषम संख्या की परिभाषा

वे संख्याये जो 2 पूर्णतः विभाजित नहीं होती है या 2 से विभाजित होने वाली संख्याये विषम संख्या कहलाती है। उदहारण – 1, 3, 5, 7, 9, 11, 13, 15, 17, 19 आदि।

विषम संख्या के प्रकार

विषम संख्या के निम्न प्रकार है।

  • निरन्तर विषम संख्या (Consecutive Odd Numbers)
  • मिश्रित विषम संख्या (Composite Odd Number)

निरन्तर विषम संख्या (Consecutive Odd Numbers)

वे विषम संख्याये जिनके मध्य दो का अंतर होता है। निरन्तर विषम संख्या कहते है। जैसे – माना a एक विषम संख्या है, a+2 भी विषम संख्या होगी। a और a+2 दोनों निरन्तर विषम होंगी क्योकि इनमे 2 का अंतर है।

उदहारण – 15 और 17, 29 और 31, 3 और 5, 19 और 21 आदि. ऋणात्मक निरन्तर विषम संख्या -5 और -3, -13 और -11 आदि।

मिश्रित विषम संख्या (Composite Odd Number)

एक मिश्रित विषम संख्या एक धनात्मक विषम पूर्णांक है, जो दो छोटे धनात्मक पूर्णांकों को गुणा करके बनाई जाती है।

उदहारण -100 तक की मिश्रित विषम संख्याएँ – 9, 15, 21, 25, 27, 33, 35, 39, 45, 49, 51, 55, 57, 63, 65, 69, 75, 77, 81, 85, 87, 91, 93, 95, 99.

संख्या क्या है? संख्या के प्रकार वास्तविक संख्या
अभाज्य संख्यापूर्णांक संख्या
पूर्ण संख्याविषम संख्या
पूर्ण संख्या और पूर्णांक संख्याप्राकृतिक संख्या
सम संख्या और विषम संख्या

विषम संख्या के गुण

विषम संख्याओं के गुण जो निम्न है।

दो विषम संख्याओं का योग

दो विषम संख्याओं का योग सम होता है।

दो विषम संख्याओं का योग

जैसे- 3 (विषम संख्या) +5 (विषम संख्या) = 8 (सम संख्या) जैसा की 3 और 5 दोंनो विषम संख्याये है इनका योग 8 प्राप्त होता है। 8 एक सम संख्या है।

दो विषम संख्याओं का घटाव

दो विषम संख्याओं का घटाव सम संख्या होता है।

दो विषम संख्याओं का घटाव -m

जैसे- 5 (विषम संख्या) – 3 (विषम संख्या) = 2 (सम संख्या) जैसा की 5 और 3 दोंनो विषम संख्याये है, इनका योग 2 प्राप्त होता है। 2 एक सम संख्या है।

दो विषम संख्याओं का गुणा

दो विषम संख्याओं का गुणा विषम होता है।

दो विषम संख्याओं का गुणा

जैसे- 5 (विषम संख्या) x 3 (विषम संख्या) = 15 (विषम संख्या) जैसा की 5 और 3 दोंनो विषम संख्याये है, इनका योग 2 प्राप्त होता है। 15 एक विषम संख्या है।

दो विषम संख्याओं का भाग

दो विषम संख्याओं का भाग विषम होता है।

दो विषम संख्याओं का भाग

विषम संख्या 1 से 50 तक की संख्याये

विषम संख्या 1 से 100 तक की संख्याये

1 से 100 तक विषम संख्याओं की लिस्ट पीडीऍफ़ में

सबसे छोटी विषम संख्या कौन सी होती है?

1 सबसे विषम सह्य है।

दो अंको की सबसे छोटी विषम संख्या क्या है?

दो अंको की सबसे छोटी विषम संख्या 11 है।

1 सम संख्या है या विषम संख्या?

1 विषम संख्या है।

सबसे छोटी विषम अभाज्य संख्या कौन है?

सबसे छोटी विषम अभाज्य संख्या 3 है।

क्या शून्य विषम संख्या है?

शून्य एक सम संख्या है।

क्या अनंत विषम संख्या है?

अनंत न ही सम संख्या है और न ही विषम संख्या है।

क्या 2.5 विषम संख्या है?

2.5 न ही विषम संख्या है, और न ही सम संख्या है।

धातु किसे कहते हैं? इसकी परिभाषा, प्रकार, गुण और सभी धातुओं की लिस्ट PDF में

तत्वों को उनके गुणों के आधार पर निम्नलिखित भागों में वर्गीकृत किया गया है।

धातु किसे कहते हैं?

धातु (metal) वे होते हैं, जो इलेक्ट्रॉन (e-) का त्याग करते है, और धनायन (positive charge) बनाते है। या वे परमाणु जिनमे इलेक्ट्रान त्यागने की प्रवित्ति हो धातु कहलाते है। धातुओं के परमाणु में धन आवेश (positive charge) होता है।

जैसे- ca,mg ,Na, Hg,Pb

धातु की परिभाषा

आवर्त सारणी के वे तत्व जिनके परमाणुओं में इलेक्ट्रान त्यागने का गुण हो जो स्वंय को धनावेशित प्रदर्शित करते हो।

धातु के प्रकार

आवर्त सारणी में धातु के प्रकार कितने है, सभी की लिस्ट है।

क्रमांकपरमाणु संख्याप्रतीक धातुओं के नाम
13Liलिथियम (Lithium)
24Beबेरिलियम (Beryllium)
311Naसोडियम (Sodium)
412Mgमैग्नीशियम (Magnesium)
513Alएल्युमीनियम (Aluminium)
619Kपोटैशियम (Potassium)
720Caकैल्शियम (Calcium)
821Scस्कैंडियम (Scandium)
922Tiटाइटेनियम (Titanium)
1023Vवनैडियम (Vanadium)
1124Crक्रोमियम (Chromium)
1225Mnमैंगनीज (Manganese)
1326Feआयरन (Iron)
1427Coकोबाल्ट (Cobalt)
1528Niनिकल (Nickel)
1629Cuकॉपर (Copper)
1730Znजिंक (Zinc)
1831Gaगैलियम (Gallium)
1937Rbरूबिडीयाम (Rubidium)
2038Srस्ट्रोंटियम (Strontium)
2139Yयत्त्रियम (Yttrium)
2240Zrज़िरकोनियम (Zirconium)
2341Nbनाइओबियम (Niobium)
2442Moमॉलीबेड़ीनुम (Molybdenum)
2543Tcटेक्नेटियम (Technetium)
2644Ruरुथेनियम (Ruthenium)
2745Rhरोडियाम (Rhodium)
2846Pdपैलेडियम (Palladium)
2947Agसिल्वर (Silver)
3048Cdकैडमियम (Cadmium)
3149Inइंडियम (Indium)
3250Snटिन (Tin)
3355Csसीज़ियम (Cesium)
3456Baबेरियम (Barium)
3557Laलेण्टेनियुम (Lanthanum)
3658Ceसैरियम (Cerium)
3759Prप्रेसियोडीमियम (Praseodymium)
3860Ndनीयोडिमियम (Neodymium)
3961Pmप्रोमीथियम (Promethium)
4062Smसमैरियम (Samarium)
4163Euयुरोपियम (Europium)
4264Gdगैडोलीनियम (Gadolinium)
4365Tbटर्बियम (Terbium)
4466Dyडिस्पोसियम (Dysprosium)
4567Hoहॉल्मियम (Holmium)
4668Erअर्बियम (Erbium)
4769Tmथूलियम (Thulium)
4870Ybअटर्बियम (Ytterbium)
4971Luलुटेटियम (Lutetium)
5072Hfहेफ़नियम (Hafnium)
5173Taटैंटलम (Tantalum)
5274Wटंगस्टन (Tungsten)
5375Reरेनीयाम (Rhenium)
5476Osऑस्मियम (Osmium)
5577Irइरीडियम (Iridium)
5678Ptप्लैटिनम (Platinum)
5779Auगोल्ड (Gold)
5880Hgमर्क्युरी (Mercury)
5981Tlथैलियम (Thallium)
6082Pbलीड (Lead)
6183Biबिस्मुथ (Bismuth)
6284Poपॉलोनियम (Polonium)
6387Frफ्रैनशियम (Francium)
6488Raरेडियम (Radium)
6589Acएक्टीनियम (Actinium)
6690Thथोरियम (Thorium)
6791Paप्रोटैक्टीनियम (Protactinium)
6892Uयूरेनियम (Uranium)
6993Npनैप्टुनियम (Neptunium)
7094Puप्लूटोनियम (Plutonium)
7195Amअमेरिसियम (Americium)
7296Cmक्यूरियम (Curium)
7397Bkबेरकेलियम (Berkelium)
7498Cfकैलिफोर्नियम (Californium)
7599Esआइंस्टिनियम (Einsteinium)
76100Fmफेर्मियम (Fermium)
77101Mdमेंडेलेवियम (Mendelevium)
78102Noनोबेलियम (Nobelium)
79103Lrलॉरेंशियम (Lawrencium)
80104Rfरथर्फॉर्डियम (Rutherfordium)
81105Dbडुबनियम (Dubnium)
82106Sgसेअबॉर्जियं (Seaborgium)
83107Bhबोहरीओम (Bohrium)
84108Hsहैशियम (Hassium)
85109Mtमिटनेरियम (Meitnerium)
86110Dsडार्मस्टडियम (Darmstadtium)
87111Rgरोएंटगेनियम (Roentgenium)
88112Cnकोपर्निशियम (Copernicium)
89113Nhनिहोनियम (Nihonium)
90114Flफ्लेरोवियम (Flerovium)
91115Mcमॉस्कोवियम (Moscovium)
92116Lvलिवेरमोरियम (Livermorium)
धातुओं की लिस्ट

धातुओं के प्रकार PDF में

धातु के गुण

धातुओं में एक विशेष चमक पाया जाता है, जिसे धात्विक चमक कहते हैं।

  • धातु अपारदर्शी होते हैं।
  • साधारण ताप पर सभी धातुएं ठोस होते हैं, लेकिन पारा (Hg) द्रव होता है।
  • सभी धातुएं विद्युत या ऊष्मा सुचालक होते हैं, लेकिन लेड (Pb) नहीं होता है।
  • धातु तन्य होते हैं, जिसको तार के रूप में खींचकर बढ़ाया जा सकता है।
  • सोना और चांदी सबसे अधिक आघात वर्धय होते हैं।
  • सोडियम तथा पोटेशियम को छोड़कर सभी धातुओं की गलनाक तथा क्वथनांक बहुत ऊंचा होता है।
  • सोडियम पोटैशियम आदि को छोड़कर धातुओं का घनत्व पानी के घनत्व से अधिक होता है।

धातुओं के उपयोग

  • मशीनों के पुर्जे ,बिजली के तार तथा अन्य बिजली के उपकरण के निर्माण में।
  • सिक्के बनाने में भी धातुओं का प्रयोग किया जाता है।
  • विद्युत लेपन में।
  • मुद्राएं मनाने में ।

धातुओं का संक्षारण

वायु या रासायनिक पदार्थों द्वारा धातुओं का धीरे धीरे जंग होना धातुओं का संक्षारण कहलाता है।

जैसे – लोहे पर जंग लगना

  • धातुओं का संक्षारण रोकने के लिए धातुओं के पृष्ठ पर पेंट किया जाता है। किसी धातु पर दूसरे धातु का परत चढ़ाते हैं, जिसे धातु का लेपन कहते हैं। जैसे – लोहे के चादरों पर टीन का लेपन कर लेने से लोहे की चादरों का संक्षारण नहीं होता है
  • कभी-कभी धातु का संक्षारण लाभदायक भी होता है। जैसे- एलमुनियम धातु को वायु में खुला छोड़ देने पर उसकी सतह पर एलमुनियम तथा वायु की ऑक्सीजन की अभिक्रिया से बने एल्युमीना (Al2O3) की परत चढ जाती है जो इसके आगे होने वाले संक्षारण को रोकने में सुरक्षा कवच का कार्य करती है।

आवर्त सारणी में कितने धातु है?

अभी तक 116 धात्विक तत्वा सामिल है।

वह कौन सी धातु है, जो द्रव अवस्था में रहती है?

पारा (Hg) एक ऐसी धातु है, जो सामान्य ताप पर द्रव अवस्था में रहता है।

वह कौन सा वह कौन सा धातु है जो विद्युत का कुचालक है?

लेड (Pb) एक ऐसी धातु है। जो विद्युत का कुचालक है।

कम क्रियाशील धातु कौन सी है?

कम क्रियाशील वाले धातु सोना, चांदी, प्लेटिनम और कॉपर है।

रासायनिक समीकरण किसे कहते हैं? रासायनिक समीकरण की कमियाँ

रासायनिक समीकरण किसे कहते हैं?

वह समीकरण जो अभिकारक तथा उत्पाद के सूत्र को प्रदर्शित करता है, उसे रासायनिक समीकरण कहलाता है।

  • रासायनिक समीकरण लिखते समय बाई ओर अभिकारको के सूत्र तथा दाई ओर उत्पाद के सूत्र लिखा जाता है।
  • दोनों पक्षों के बीच तीर का चिन्ह लगाते है।
  • अभिकारक या उत्पादो के बीच धन का चिंह लगा देते हैं।
रासायनिक समीकरण किसे कहते हैं? रासायनिक समीकरण की कमियाँ 1

Note– मोल की संख्या = स्ट्रैकियो गुणांक = अणु की संरचना

1 मोल CH 4 , 2 मोल ऑक्सीजन का अभिक्रिया करने पर 1 मोल CO 2 और 2 मोल H 2 O प्राप्त होता है।
(or)
1 अणु CH 4 , 2 अणु O2 से अभिक्रिया करने पर 1 अणु CO 2 और 2 अणु H 2 O प्राप्त होता है
(or)
16 gram ch4 का 64 gram o2 से अभिक्रिया करने पर 44 GRAM CO 2 और 36 GRAM H2 O प्राप्त होता है।

रासायनिक समीकरण की कमियाँ

  • रासायनिक समीकरण द्वारा पता नही लगाया जा सकता की अभिक्रिया कितने समय में ख़त्म हुआ है।
  • प्रयुक्त पदार्थो के सांद्रण का ज्ञान नहीं होता है।

रासायनिक समीकरण कितने प्रकार के होते हैं?

रासायनिक समीकरण को दो भागो में बाटा गया है जो निम्न प्रकार से है –
(1) – आणविक समीकरण
(2) – परमाण्विक समीकरण

(1)-आणविक समीकरण

आणविक समीकरण वह समीकरण होता है जिसमें आयनिक यौगिक को’ आयनों के घटक, के रूप में व्यक्त ना करके अणुओं के रूप में व्यक्त किया जाता है

रासायनिक समीकरण संतुलित कैसे करते हैं?

हिट एंड ट्रायल विधि या अनुमान विधि

सर्वप्रथम अभिकारक को तीर के बाईं ओर तथा उत्पादों को दाएं और उनके सूत्र के रूप में लिखा जाता है। फिर जो परमाणु सबसे कम संख्या में आया है उसे पहले संतुलित किया जाता है।

रासायनिक समीकरण किसे कहते हैं? रासायनिक समीकरण की कमियाँ 2

सहसंयोजक बंध किसे कहते हैं? इनके लक्षण व उदहारण

सहसंयोजक बंध किसे कहते हैं?

सहसंयोजक बंध किसे कहते हैं? – दो परमाणुओं के बीच इलेक्ट्रॉन की साझेदारी द्वारा बने बंध को सहसंयोजक बंध कहते हैं। जिन यौगिकों में इस प्रकार का बंध पाया जाता है। उन्हें सहसंयोजी यौगिक कहते हैं।

जब दो परमाणु परस्पर एक, दो या तीन इलेक्ट्रॉनों की साझेदारी करते हैं। तो बनने वाले संयोजक बंध क्रमह एकल बंध, द्वि बंध तथा त्रि बंध कहलाते हैं।

एकल बंध को सिंगल लाइन, द्विबंध में दो लाइन, त्रि-बंध में तीन लाइन से व्यक्त करते।

सहसंयोजक बंध किसे कहते हैं? इनके लक्षण व उदहारण 5

बंधो की व्याख्या सर्वप्रथम लुइस ने की थी।

सहसंयोजक बंध बनने के लिए आवश्यक शर्तें।

परमाणुओं के बीच संयोजक बंध बनने के लिए उनकी विधुत ऋणात्मकता समान या लगभग समान होनी चाहिए। दो अधातुओ के मध्य सहसंयोजक बंध बनते है।

जैसे – Cl2, Br2 आदि

सहसंयोजक बंध के लक्षण

समान्य ताप और दाब पर साधारण सहसंयोजक यौगिक गैस या द्रव अवस्था मे होते है। क्योकि उनके अणु वांडरवाल बलों से जुड़े होते है। लेकिन उच्च अनुभार वाले यौगिक ठोस अवस्था मे होते है।

जैसे – Cl2 ( अणुभार 71 ) = गैस, Br2 ( अणुभार 160 ) = द्रव, I2 ( अणुभार 254 ) = ठोस

  • सहसंयोजक यौगिक तीन प्रकार के होते है।
  • मृदु, वाष्पशील ठोस, जिनमे क्रिस्टल की इकाई अणु है तथा अनु वन्डरवाल बलों के द्वारा जुड़े रहते है। जैसे – I2 , P4, S8 आदि
  • वे ठोस जिनमे क्रिस्टल में कई परते होती है। जैसे ग्रेफाइट वे ठोस जिनमे प्रत्येक परमाणु एक-दूसरे से सहसंयोजक बंध द्वारा जुड़ कर विशाल अणु बनाते है। जैसे डाइमंड अदि।
  • सहसंयोजक अणुओ के बीच दुर्बल वांडरवाल बल होते है, जिन्हे तोड़ने के लिए कम ऊर्जा की आवश्यकता होती है। अतः इनके गलनांक व क्वथनांक कम होते है। (विशाल अणुओ को छोड़कर)
  • ये यौगिक विधुत कुचालक होते है। (ग्रेफाइट को छोड़कर)
  • ये यौगिक अध्रुवी विलायक जैसे – CHCl2, CCl4 आदि में विलेय होते है। ध्रुवी विलायकों जैसे – H2O आदि में विलेय होते है।
  • सहसंयोजक बंध दृढ़ व दिशात्मक होते है, अतः सहसंयोजक यौगिक समयावता प्रदर्शित करते है।
  • ये यौगिक, विधुत सयोजी यौगिक की तुलना में मृदु तथा कम भंगुर होते है।
  • इसकी रासायनिक अभिक्रियाओं में अणु भाग लेते है। तथा अभिक्रियाएं से बहुत धीमी होती है।

वैद्युत संयोजकता किसे कहते हैं? इनके लक्षण व उदहारण

वैद्युत संयोजकता किसे कहते हैं?

‘दो परमाणुओं के बीच इलेक्ट्रान के स्थानांतरण के द्वारा बने बंध को वैघुत संयोजी बंध कहा जाता है।
और यह बंध जिसमे पाया जाता है। उसे वैद्युत संयोजी कहा जाता है।

साधारण भाषा में वैद्युत संयोजकता किसे कहते हैं? – वैद्युत संयोजकता वाले यौगिकों में एक परमाणु इलेक्ट्रान देता है, और दूसरा ग्रहण करता है।

Ex – जैसा की निम्न चित्र में दिखाया है। NaCl में वैद्युत संयोजी बंध होता है। सोडियम के बाहरी कक्ष में एक इलेक्ट्रान की अधिकता होता है, और सोडियम को अपना अष्टक पूरा करने के लिए एक इलेक्ट्रान त्यागना पड़ता है। क्लोरीन के बहरी कक्ष में 7 इलेक्ट्रान होते है जिसे अपना अष्टक पूरा करने के लिए एक इलेक्ट्रान की कमी होती है इसीलिए क्लोरीन ,सोडियम से एक इलेक्ट्रान ग्रहण करता है।

वैद्युत संयोजकता किसे कहते हैं?

वैद्युत संयोजी या आयनिक बंध कब बनते है?

जब एक परमाणु को इलेक्ट्रान त्यागने तथा दूसरे ग्रहण करने की आवश्यकता पड़ती है, तब वैद्युत संयोजी बंध बनाते है। एक परमाणु धन आवेश तथा दूसरा ऋण आवेश होना चाहिए। एक परमाणु धातु तो दूसरा अधातु होना चाहिए।

साधारण भाषा में – जब एक परमाणु में इलेक्ट्रान की अधिक्ता और एक में कमी होती है। तब वैद्युत संयोजी बंध बनाते है।

जैसे – MgO, मैग्निसियम (Mg) का परमाणु क्रमांक 12 होता है। इसके बाह्य कोश में 2 इलेक्ट्रान (सयोजकता 2) होते है। और ऑक्सिन (O) परमाणु का क्रमांक 8 होता है। इसके बाह्य कोश में 6 इलेक्ट्रान होते है। O को अष्टक पूरा करने के लिए 2 इलेक्ट्रान की आवश्यकता होती है। Mg के बाह्य कोश में 2 इलेक्ट्रान होते है। इसलिए Mg स्थाई होने के लिए 2 इलेक्ट्रान O को दे देता है। O के बाह्य कोश में 2 इलेक्ट्रोनो को कमी होने के कारण अपना अष्टक पूरा करने के लिए 2 इलेक्ट्रान Mg से ग्रहण कर लेता है।

वैद्युत संयोजकता किसे कहते हैं?

वैद्युत संयोजी यौगिक के लक्षण

  • आयनिक यौगिक अणुओ से नही बने होते है; ये बिपरीत आयनो के बने होते है।
  • आयनिक यौगिकों के गलनांक ऊँचे होते है क्योकि आयनिक क्रिस्टल को तोड़ने के लिए बहुत अधिक ऊर्जा की आवश्यकता होती है।
  • आयनिक यौगिकों के क्वथनांक ऊंचे होते है क्योकि विपरीत आवेशित आयनो के मध्य आकर्षक बल होता है।
  • आयनिक यौगिक जल तथा अन्य ध्रुवीय विलयन में विलेय होते है तथा अधुवीय विलयक में अविलेय होते है।
  • आयनिक यौगिक जल में घोलने पर मुक्त आयनो में वियोजित हो जाते है क्योकि डाई- इलेक्ट्रिक स्थिरांक बहुत ऊँचा होता है।
  • गलित अवस्था या जलीय विलयन में आयनिक यौगिक विघुत चालक होते है क्योकि आयन मुक्त हो जाते है।
  • वैद्युत संयोजी बंध अधिशात्मक होते है क्युकी वैघृत संयोजी यौगिक की कोई अणु संरचना नहीं होती है।

वैद्युत संयोजी यौगिक जल में क्यों घुल जाते है?

क्योकि वैद्युत संयोजी यौगिकों का डाई – इलेक्ट्रिक स्थिरांक अधिक होता है।

क्या वैद्युत संयोजी यौगिक ध्रुवीय विलय में विलेय होते है?

वैद्युत संयोजी यौगिक ध्रुवीय विलयन में विलेय और अध्रुवी विलयन में अविलेय होते है।

वैद्युत संयोजी यौगिक जल में घुलने पर वैद्युत के चालक क्यों होते है?

वैद्युत संयोजी यौगिकों का डाई इलेक्ट्रिक-स्थिरांक अधिक होने के कारण यह आयनो में टूट जाता है। आयन विधुत के चालक होते है।

संयोजकता क्या है?

संयोजकता क्या है? संयोजकता के प्रकार (वैधुत, सह, उप सहसंयोजकता)

संयोजकता क्या है?

किसी तत्व के बाहरी कक्ष में पाए जाने वाले इलेक्ट्रॉनों की संख्या को संयोजकता कहते हैं।

संयोजकता शब्द का प्रयोग सर्वप्रथम फ्रैंकलैंड ने किया था। संयोजकता शब्द की उत्पत्ति वैलेंटाइन से हुई है। जिसका शाब्दिक अर्थ होता है क्षमता।

तत्वों के एक दूसरे से जोड़ने की क्षमता को संयोजकता कहा जाता है। वह तत्व जो दूसरे तत्वों से नहीं जुड़ पाते उनकी संयोजकता 0 होती है।

Ex- He, Ne, Ar, Kr, Xe और Rn इन तत्वों की संयोजकता 0 होती है।

संयोजकता शब्द का प्रयोग निम्न दो बातों के लिए किया जा सकता है।

  • तत्वों की संयोजक क्षमता को एक पूर्ण संख्या में व्यक्त करने के लिए।
  • उन बलों के लिए जो अणु में परमाणु को एक दूसरे से बांधे रहते हैं।

संयोजकता की पुरानी अवधारणा

इस अवधारणा के अनुसार किसी यौगिक में जितने हाइड्रोजन पाए जाएंगे वही उसकी संयोजकता होगी। अर्थात यह कह सकते है की जिस तत्व में जितने हाइड्रोजन होंगे उतनी ही उस तत्वा की सयोजकता होगी।

Ex- NH3- 3, PH3 – 3, H2O – 2, CH4 – 4

यह अवधारणा इसलिए गलत साबित हुई कि इस अवधारणा के अनुसार उन यौगिकों की संयोजकता नहीं ज्ञात की जा सकती जिनमें हाइड्रोजन नहीं पाए जाते है।

NaCl ( नमक का सूत्र ) हाइड्रोजन नहीं है। अतः सयोजकता की पुरानी अवधारणा NaCl की सयोजकता नहीं ज्ञात की जा सकती।

संयोजकता की नई अवधारणा

इस अवधारणा के अनुसार किसी तत्व का अष्टक पूरा करने के लिए आवश्यक इलेक्ट्रॉनों की संख्या को उस तत्व की संयोजकता कहते हैं।

Ex – NaCl में Na के बाह्य कोश 1 इलेक्ट्रान (2,8,1) तो यह अपनी बाहरी कोश पूरा करने के लिए 1 इलेक्ट्रान त्याग देगा। इसी प्रकार Cl के बाह्य कोश में 7 इलेक्ट्रान (2,8,7) अतः यह अपना कोश पूरा करने के लिए 1 इलेक्ट्रान ग्रहण करेगा। Na अष्टक पूरा करने के लये 1 इलेक्ट्रान का त्याग करेगा। Cl अपना अष्टक पूरा करने के लिए एक इलेक्ट्रान ग्रहण करेगा।

Note – एक संयोजकता वाले तत्व को एकल सयोजी, दो संयोजकता वाले तत्व को द्वितीय सयोजी, तीन संयोजकता वाले तत्व त्रिक सयोगी और चार संयोजकता वाले तत्व को चतुर्थ सयोगी तत्व कहते हैं।

संयोजकता के प्रकार

संयोजकता के प्रकार इसे 3 भागो में बाटा गया है।

विद्युत संयोजी बंध (Electro Valency)

दो परमाणु बीच इलेक्ट्रॉनिक के स्थानांतरण के द्वारा बने बंध को विधुत सयोजी बंध कहा जाता है। ये बंध जिसमे पाया जाता है उसे बैधुत सयोजी कहते है।

Ex- NaCl में वैधुत सयोजी बंध पाया जाता है। Na (सोडियम) अपना बाह्य कोश पूरा करने के लिए एक इलेक्ट्रान का त्याग करता है। Cl के बाहरी कोश 7 इलेक्ट्रान होते है। इसलिए अपना अष्टक (बाह्य कोश) पूरा करने के लिए एक इलेक्ट्रान की आवश्यकता होती है। इसलिए Cl, Na से एक इलेक्ट्रान ग्रहण करके कोश पूरा करता है। पूरा पढ़े

सहसंयोजक बंध (Co-Valency)

दो परमाणुओं के बीच इलेक्ट्रान की साझेदारी के द्वारा बने बंध को संयोजक बंध कहते है। जिन यौगिकों में इस प्रकार के बंध पाए जाते है उन्हें संयोजक यौगिक कहते है।

Ex – Cl2, Br2 आदि

उप-सहसंयोजकता (Co-ordinate Valency)

इस प्रकार की सयोजकता में एक परमाणु इलेक्ट्रान युग्म देता है। और दूसरा इलेक्ट्रान युग्म लेता है। इलेक्ट्रान युग्म देने वाला दाता और इलेक्ट्रान युग्म लेने वाला ग्राही कहलाता है। दाता के बाह्य कोश में पुरे इलेक्ट्रान होने पर भी ग्राही से इलेक्ट्रान साँझा करता है।

Ex – NH4, SO2

विलयन क्या है? विलयन कितने प्रकार के होते हैं?

विलयन क्या है?

जब दो या दो से अधिक पदार्थो का समांगी मिश्रण होता है तो उसे विलयन कहते है।
विलयन में पदार्थो के कणो का आकर लगभग 1 नैनो मीटर से भी छोटा रखा जाता है
जैसे – जब चीनी को हम पानी में मिलाते है तो हमें समांगी मिश्रण प्राप्त होता है। इस समांगी मिश्रण को ही चीनी में पानी का विलयन कहते है।
जैसे – क्लोरोफॉर्म और नाइट्रोजन का मिश्रण ,ऑक्सीजन और नाइट्रोजन का मिश्रण।
विलयन के अन्दर दो गुण होते है , विलेय और विलायक

विलेय क्या है?

किसी विलयन में जो पदार्थ घुलने का कार्य करता है उसे विलेय कहते है या किसी समांगी विलयन में पदार्थ की उपस्थित कम मात्रा को विलेय कहते है

विलायक क्या है?

किसी समांगी विलयन में पदार्थ की अधिक मात्रा को विलायक कहते है ,या जिसमे विलेय पदार्थ घुलने का कार्य करता है उस पदार्थ को विलायक कहते है।

विलयन कितने प्रकार के होते हैं?

विलयन को सांद्रता या विलेय के आधार पर 5 प्रकार से और विलयन के अवयवों के आधार पर 3 प्रकार से विभाजित किया गया है,जो निम्न प्रकार से है।

सांद्रता के आधार पर विलयन कितने प्रकार के होते हैं?

किसी विलयन में घुली हुई मात्रा के आधार पर विलयन 5 प्रकार के ही हो सकते है।

1-तनु विलयन

जब किसी विलयन में विलायक की मात्रा अधिक और विलेय की मात्रा कम होती है तो ऐसे विलयन को तनु विलयन कहते है

2-सांद्र विलयन

जब किसी विलयन में विलेय की मात्रा अधिक और विलायक की मात्रा कम हो तो ऐसे विलयन को सान्द्र विलयन कहते है।

3-संतृप्त विलयन

विलयन का वह निश्चित ताप जिसपर विलेय की और अधिक मात्रा घोला नहीं जा सकता , उसे संतृप्त विलयन कहते है।

4-असंतृप्त विलयन

विलयन का वह निश्चित अवस्था जिसपर विलेय की और अधिक मात्रा को घोला जा सके, उसे असंतृप्त विलयन कहते है।

5-अतिसंतृप्त विलयन

ऐसा विलयन जिसमे विलेय पदार्थ की मात्रा अधिक और संतृप्त विलयन की मात्रा कम होती है तो ऐसे विलयन को अतिसंतृप्त विलयन कहते है।

विलयन के अवयवों के आधार पर विलयन कितने प्रकार के होते हैं?

विलयन के अवयवों के आधार पर विलयन 3 प्रकार के होते है ,जो निम्न प्रकार से है।

1-गैसीय विलयन

वह विलयन जिसमे विलायक गैसीय अवस्था में हो ,गैसीय विलयन कहलाता है।
गैसीय विलयन को निम्न प्रकार से बाटा गया है। –

1(a)- गैस -गैस का विलयन

गैस का वह विलयन जिसमे विलायक और विलेय दोनों ही गैस के ही अवस्था में हो तो उसे गैस – गैस का विलयन कहते है।
जैसे- ऑक्ससीजन तथा नाइट्रोजन गैस का मिश्रण, ऑक्ससीजन तथा कार्बन-डाई आक्साइड गैस का मिश्रण।

1(b)-द्रव -गैस का विलयन

वह विलयन जिसमे विलेय द्रव की अवस्था में हो और विलायक गैस की अवस्था में हो तो ऐसे विलयन को द्रव – गैस का विलयन कहते है।
जैसे- क्लोरोफॉर्म तथा नाइट्रोजन

1(c)- ठोस -गैस का विलयन

गैस का वह विलयन जिसमे विलेय ठोस अवस्था में हो और विलायक गैस अवस्था में हो तो ऐसे विलयन को ठोस -गैस का विलयन कहते है
जैसे-कपूर तथा नाइट्रोजन।

2-द्रव विलयन

वह विलयन जिसमे विलायक द्रव अवस्था में हो द्रव विलयन कहलाता है।
द्रव विलयन को भी तीन भागो में बाटा गया है-

2(a)- द्रव -द्रव का विलयन

विलयन की वह अवस्था जिसमे विलायक और विलेय दोनों ही द्रव अवस्था में हो तो ऐसे विलयन को द्रव- द्रव का विलयन कहते है।
जैसे- सिरका तथा जल।

2(b)- ठोस -द्रव का विलयन

ऐसा विलयन जिसमे विलेय ठोस अवस्था में हो और विलायक द्रव अवस्था में हो तो ऐसे विलयन को ठोस -द्रव का विलयन कहते है।
जैसे- चीनी और जल का विलयन।

2(c)- गैस – द्रव का विलयन

ऐसा विलयन जिसमे विलेय गैस अवस्था मे हो और विलायक द्रव अवस्था में हो तो ऐसे विलयन को गैस -द्रव का विलयन कहते है।

3-ठोस विलयन

वह विलयन जिसमे विलायक ठोस अवस्था में हो उसे ठोस विलयन कहते है।
ठोस विलयन को विलेय की अवस्था के अनुसार तीन प्रकार के हो सकते है। –

3(a)-ठोस -ठोस का विलयन

विलयन की वह अवस्था जिसमे विलेय और विलायक दोनों ही ठोस अवस्था में हो तो ऐसे को ठोस -ठोस का विलयन कहते है।
जैसे – ताँबा तथा सोने का विलयन , जिंक तथा लोहे का विलयन।

3(b)- गैस -ठोस का विलयन

विलयन की वह अवस्था जिसमे विलेय गैसीय अवस्था में हो लेकिन विलायक ठोस अवस्था में हो ऐसे विविलयन को गैस -ठोस का विलयन कहते है।
जैसे- हाइड्रोजन तथा पैलेडियम।

3(c)- द्रव -ठोस का विलयन

ऐसा विलयन जिसमे विलेय द्रव अवस्था में हो लेकिन विलायक ठोस अवस्था में हो तो ऐसे विलयन को द्रव – ठोस का विलयन कहते है।
जैसे- पारा तथा सोडियम का विलयन ,ऐसे अवेलगम भी कहते है।

मिश्रण

जब दो या दो से अधिक तत्वों या यैगिक को मिलाने पर जो पदार्थ बनता है उसे मिफरन कहते है।
जैसे – चीनी और पानी एक मिश्रण है।

मिश्रण कितने प्रकार के होते हैं?

रचना के आधार पर मिश्रण को दो प्रकार से बाटा गया हैजो निम्न प्रकार से है –

समांगी मिश्रण

मिश्रण की वह अवस्था जिसमे अवयवी तत्तो या पदार्थो को अलग-अलग नहीं देखा जा सके ,ऐसे मिश्रण को समांगी मिश्रण कहते है।
जैसे – दूध ,शरबत,वायु ,पीतल ,तथा स्टील आदि।

विषमांगी मिश्रण

ऐसे मिश्रण जिसमे अवयवी तत्वों या यैगिक को अलग -अलग देखा जा सकता है ऐसे मिश्रण को विषमांगी मिश्रण कहते है।
जैसे – मिटटी का तेल और पानी का मिश्रण।

Coprime Numbers Definition, Properties, Examples With PDF Download

Coprime Numbers Definition

Coprime Numbers Definition- Pairs of numbers whose common factor is one are called co-prime or pairs of numbers whose HCF is only 1. Ex- There is only 1 common factor between 4 and 7.

Properties of co-prime numbers

  • There is only 1 common factor between coprime numbers

Ex – 4 and 9 are coprime numbers. Factor of 4 = 1x2x2 and factor of 9 = 1x3x3

Coprime Numbers Definition
4 and 9 are prime number

As shown in the picture. The common factor of 4 and 9 is found to be number 1.

Ex– 6 and 7 are coprime numbers. The factor of 6 = 1x2x3 and the factor of 7 = 1×7

Coprime Numbers Definition, Properties, Examples With PDF Download 7
6 and 7 are coprime number

The common factor of 6 and 7 is 1.

  • HCF of two coprime numbers is always 1.

Ex– 13 and 8 are prime. 13, 8 factor of 13 = 1×13, factor of 8 = 2x2x2.

Coprime Numbers Definition, Properties, Examples With PDF Download 8

here is 1 HCF between 13, 8

Ex– Both 15 and 19 are coprime numbers. How?, The factor of 15 = 1x3x5 and the factor of 19 =1×19

Coprime Numbers Definition, Properties, Examples With PDF Download 9
15 and 19 are coprime

here is 1 HCF between 15, 19

  • Pairs of even numbers can’t be coprime because their common factor is 2.

Ex– Number 4 and 8 are even numbers let’s check these are coprime numbers. The factor of 4 = 1x2x2, the factor of 8 = 1x2x2x2. There are two common numbers between 4 to 8. The HCF of numbers 4 and 8 are 2 so these are not coprime numbers.

Coprime Numbers Definition, Properties, Examples With PDF Download 10
  • Pairs of prime numbers are always coprime numbers.
Coprime Numbers Definition, Properties, Examples With PDF Download 11
  • All pairs of two consecutive numbers are co-prime numbers

How to find co-prime numbers?

Before finding the coprime number, keep two points in mind.

  • If any one of the given numbers is prime number then those numbers will be coprime. Exceptions (2, even numbers) (3, numbers divisible by 3) (5, numbers divisible by 5) (numbers divisible by 7, 7) etc.
  • If both the numbers in the given numbers are prime numbers then the numbers will be coprime numbers

Pairs of numbers that follow both the conditions will be coprime numbers. If both the condition is followed then division method can be checked by factorization method

How to find Coprime number by division method

The factor is found by the division of the number in the division method.

Are 80 and 72 both coprime numbers?

Coprime Numbers Definition, Properties, Examples With PDF Download 12

We get the factor of 80 = 2x2x2x2x5 and the factor of 72 = 2x2x2x3x3 by the division method. The common numbers in these are 2x2x2 so these are not coprime numbers.

Is 18 and 23 coprime?

Coprime Numbers Definition, Properties, Examples With PDF Download 13

The common number 1 is obtained by doing the factorization of 8 and 23. So these numbers are coprime numbers.

Coprime Number PDF Download

Co-prime Numbers Examples

Is 18 and 35 a Coprime number?

Yes!
How?
factor of 18 = 2×9 = 2x3x3
factor of 35 = 5×7
There is 1 common (HCF) factor between 18 and 35 so 18 and 35 are coprime numbers.

Is 11 and 12 a Coprime number?

Yes!
How!
Factor of 11 = 11x 1
factor of 12 = 2 x 2 x 3
There is 1 common factor between 11 and 12 so these are coprime numbers

Are 2 and 4 Coprime numbers?

No!
How?
Factor of 2 = 2×1
Factor of 4 = 2×2
HCF of 2 and 4 is 2 so it is not a coprime number.

Is 17 and 68 a Coprime number?

No!
How?
Factor of 17 = 1×17
Factor of 68 = 1x2x2x17
The common factors of 17 and 68 are 1 and 17 so it is not a coprime number. To be coprime there must be 1 common

Is 12 and 15 Coprime numbers?

No!
How?
Factor of 12 = 2x2x3
Factor of 15 = 3×5
The common factor of 12 and 15 is 3. so it is not compirme.

Prime numbers 1 to 10 (PDF) | Greatest prime number between 1 and 10

Prime numbers 1 to 10

In this article prime numbers from 1 to 10, coprime numbers are given. What is the sum of prime no between 1 to 10?

Prime numbers 1 to 10

How to Find Prime numbers 1 to 10?

Step – 1 From the list below 1 to 10, remove the numbers that are divisible by 2. Take 1 out of the list because the prime number starts with 2. The numbers 4, 6, and 10 are divisible by 2

Step-2 3 will only be divisible by 9 so take 9 out of the list

Prime numbers 1 to 10

Sum of prime number between 1 to 10

1 to 10 are four prime numbers. (2, 3, 5, 7) The sum of all prime numbers from 1 to 10 is 17

Sum of all odd prime numbers between 1 to 10

1 to 10 are four prime numbers. (3, 5, 7) The sum of all odd prime numbers from 1 to 10 is 15

A greatest prime number between 1 and 10

7 is the greatest no among the numbers from 1 to 10

A co-prime number between 1 to 10

The following is a list of coprime numbers from 1 to 10

1,2 2,33,51,32,5
3,71,42,7 1,52,9
1,61,71,81,91,10

Read details Coprime number

Is 1 and 9 a prime number?

No! 1 and 9 are not prime no.

Smallest prime no between 1 to 10

2 is the smallest prime number between 1 to 10

List Of Prime Numbers 1 to 20 with PDF & sum of odd-even prime numbers

Prime Numbers 1 to 20

There are 8 prime numbers, 7 odd Prime Numbers 1 to 20

Prime Numbers 1 to 20

How to Find Prime numbers 1 to 20?

Step-1 Remove all numbers divisible by 2 from the table list.

First, make a table of all numbers from 1 to 20. Remove the numbers that are divisible by 2 from the table list.

How to Find Prime numbers 1 to 20

Step-2 In the second step, remove the numbers that are divisible from 3 from the list.

prime number between 1 to 20

Step-3 The number left after dividing by 3 will be prime numbers.

prime numbers between 1 to 20

Sum of prime number between 1 to 20

There are 8 numbers from 1 to 20 and their sum is 77. Sum 2+3+5+7+11+13+17+19 = 77

Sum of all odd prime numbers between 1 to 20

There are 7 numbers from 1 to 20 and their sum is 75. Sum 3+5+7+11+13+17+19 = 75

A co-prime number between 1 to 20

1,22,33,513,171,3
2,513,193,71,42,7
3,111,5 2,93,131,6
2,113,171,72,133,19
1,82,151,92,171,10
2,191,112,21 2,231,12

Learn More co-prime number

How many prime numbers are there between 0 and 20?

There are 8 prime numbers and 7 odd prime numbers from 1 to 20.

Is 1 a prime number?

1 is not a prime number but a natural number.

Why 1 is not a prime number?

Prime numbers by definition have only two factors. There is only one factor of 1 so it is not a prime number but a natural number.

What is the greatest prime number between 1 to 20?

The greatest prime number between 1 to 20 is 19 which is also an odd prime number.

What are the smallest prime numbers between 1 and 20?

The smallest prime number between 1 and 20 is 2 not 1. 2 is the only-one even prime number

Which is the even prime number 1 to 20?

There are 2 even prime numbers between 1 to 20 numbers.

Is 2 a prime number?

Yes! 2 is even prime number.

Is 3 a prime number?

Yes! 3 is odd prime.

Is 4 a prime number?

No! natural number

Is 5 a prime number?

Yes! 5 is odd prime number

Is 6 a prime number?

No! 6 is natural number

Is 7 a prime number?

Yes! 7 is odd prime number

Is 8 a prime number?

No! 8 is natural and even number

Is 9 a prime number?

No! 9 natural number and odd number

Is 10 a prime number?

No! 10 natural and even number