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शीर्षाभिमुख कोण की परिभाषा प्रतियोगी परिछाओ में पूछे जाने वाले महत्वा पूर्ण प्रसनो के साथ

शीर्षाभिमुख कोण की परिभाषा

नमस्कार दोस्तों ! हम एस आर्टिकल में शीर्षाभिमुख कोण (vertically opposite angles) की परिभाषा जानेगे

“जब दो रेखाए एक दुसरे को कटती हो तो एक दुसरे के विपरीत बना कोण, शीर्षाभिमुख कोण (vertically opposite angles) कहलाता है |”

 उदाहरण 

शीर्षाभिमुख कोण (vertically opposite angles) को समझाने के लिए सबसे पहले दो रेखा खिचे जो एक-दुसरे मध्य में कटती हो |

माना ये रेखाए AB और  CD है | जो एक-दुसरे को बिंदु O पर कटती है | तो ऐसे स्थिति में चार कोण बन रहे है |

 ∠AOC, ∠DOB, ∠AOD, ∠COD जिन्हें क्रमशः ∠a, ∠b, ∠c, ∠d से प्रदर्शित किया गया है |

जहाँ कोण ∠a और ∠c तथा ∠b और ∠d शीर्षाभिमुख कोण (vertically opposite angles) है | शीर्षाभिमुख कोण आपस में सामान होते है

शीर्षाभिमुख कोण

सम्बंधित प्रशन 

प्रशन -1 – दो सरल रेखाए AB तथा CD परस्पर बिंदु O पर कटाती है. यदि ∠AOC = 50 हो, तो ∠BOC का मान क्या होगा ?

शीर्षाभिमुख कोण की परिभाषा

विकल्प – 

(a) 40                      (b) 50
(c) 140                    (d) 130

हल – 

चुकी AOB एक सीधी रेखा है|

∠AOC +  ∠BOC = 180

⇨ 50 + ∠BOC = 180

⇨∠ BOC = (180-50)

⇨30

प्रशन-2 – दो सरल रेखाए AB तथा CD परस्पर O बिदु पर काटती है| यदि ∠BOC+∠AOD = 280 हो, तो∠ AOC का मान क्या होगा ?

शीर्षाभिमुख कोण

विकल्प – 

(a) 70                     (b) 80
(c) 40                     (d) 35

हल –

स्पस्ट है की ∠BOC = ∠AOD = x (माना)

⇨तब x+x = 280

⇨2x = 280

⇨x = 140

⇨∠BOC = 140

⇨अब ∠AOC + ∠BOC = 180

⇨∠AOC + 140 = 180

⇨∠ AOC = 40


प्रशन-3 दो सरल रेखाए AB तथा CD परस्पर बिंदु O पर काटती है | यदि ㄥAOD = (3x-10) तथा ㄥBOC = (2x +30) हो, तो ㄥAOC का मान क्या होगा ?

शीर्षाभिमुख कोण

विकल्प – 

(a) 35                    (b) 45
(c) 60                    (d) 70

हल –

AOD = ㄥBOC

💨3x -10 = 2x + 30

💨x = 40

💨ㄥAOD = (3 40 – 10)

💨120 -10

💨110

💨परन्तु ㄥAOC+ㄥAOD = 180

💨ㄥAOC+110 = 180

💨ㄥAOC = 70

संपूरक कोण पूरक कोण 
शीर्षाभिमुख कोणआसन्न कोण
न्यून कोणअधिक कोण
ऋजु कोणवृहत कोण