Category Archives: समांतर चतुर्भुज

समांतर चतुर्भुज के गुणधर्म | Properties Of Parallelogram In Hindi 1

समांतर चतुर्भुज के गुणधर्म | Properties Of Parallelogram In Hindi

समांतर चतुर्भुज के गुणधर्म के गुणधर्म की बात की जाये जो निम्न क्रम में दर्शाया गया है| जो बहुत ही महत्वपूर्ण है| जिसे दो भागो में समझाया गया है|

समांतर चतुर्भुज के गुणधर्म

भाग-1

1. इसके आमने सामने की भुजा बराबर और समांतर होती है|
2. इस चतुर्भुज में बने एकांतर कोण बराबर होते हैं|
3. इसके विकर्ण समांतर चतुर्भुज के क्षेत्रफल को बराबर भागों में बांटता है|
4. इसके विकर्ण एक दूसरे को समद्विभाजित करते हैं|
5. इस चतुर्भुज में अन्य चतुर्भुज की तरह दो विकर्ण होते हैं| लेकिन यह विकर्ण आपस में समान नहीं होते अर्थात इनकी लम्बाई आपस में बराबर नहीं होती|

समांतर चतुर्भुज के गुणधर्म | Properties Of Parallelogram In Hindi

जैसा कि उपरोक्त चित्र में दो विकर्ण d1 और d2 है जिनकी लंबाई है आपस में बराबर नहीं है|
6. समांतर चतुर्भुज के विकर्ण के प्रतिछेद बिंदु पर 90 अंश का कोण नहीं बनता है|

समांतर चतुर्भुज के गुणधर्म | Properties Of Parallelogram In Hindi

जैसा कि उपरोक्त चित्र में दिखाया गया है समांतर चतुर्भुज के दो विकर्ण d1 और d2 है| जो एक दूसरे को o बिंदु पर प्रतिछेद करते हैं|
∠AOB ≠ ∠BOC ≠ ∠COD ≠ ∠DOC = 90०
7. समांतर चतुर्भुज के विकर्ण एक दूसरे को सद्विभाजित करते हैं|
AO = OC = d2 / 2
BO = OD = d1 / 2
AO ≠ OD
BO ≠ OC

भाग-2

8. समांतर चतुर्भुज के विकर्ण इसके क्षेत्रफल को दो बराबर भागों में बाटते है|
9. समांतर चतुर्भुज के किसी एक विकर्ण से बने त्रिभुज सर्वांगसम होते हैं|
10.समांतर चतुर्भुज के दोनों विकर्ण से बने त्रिभुज के क्षेत्रफल बराबर होते हैं

समांतर चतुर्भुज के गुणधर्म | Properties Of Parallelogram In Hindi

🛆AOB = 🛆BOC = 🛆COD = 🛆DOA
11. एक समांतर चतुर्भुज जिसके अंदर किसी भी स्थान पर एक बिंदु O है | यदि बिंदु A को से, B को O से, C को O से, D को O से मिला दिया जाए| तो इनसे बनने वाले चतुर्भुज के क्षेत्रफल (A1, A2, A3, A4) में निम्न संबंध होंगे|

समांतर चतुर्भुज के गुणधर्म | Properties Of Parallelogram In Hindi

12. समांतर चतुर्भुज का विकर्ण इसके दो भुजाओं के मध्य बने कोणों को समद्विभाजित को नहीं करता है|

समांतर चतुर्भुज के गुणधर्म | Properties Of Parallelogram In Hindi 2

उपरोक्त चित्र में दिखाए गए चतुर्भुज विकर्ण के प्रतिछेद से बने कोण ∠DAC और ∠BAC आपस में बराबर नहीं होगे

आयत वर्ग समचतुर्भुज समांतर चतुर्भुज
समलंब चतुर्भुज समद्विबाहु समलंब चतुर्भुज पतंगाकार चतुर्भुज अवतल चतुर्भुज

समांतर चतुर्भुज के क्षेत्रफल का सूत्र

समान्तर चतुर्भुज के सूत्र – क्षेत्रफल, विकर्ण, परिमाप सूत्र| एवं इन सूत्रों से सम्बंधित प्रमुख सवाल

समान्तर चतुर्भुज के सूत्र

समान्तर चतुर्भुज के सूत्र दिए गए है| जैसे समांतर चतुर्भुज के क्षेत्रफल का सूत्र,समांतर चतुर्भुज का

विकर्ण का सूत्र, समांतर चतुर्भुज का विकर्ण का सूत्र, समांतर चतुर्भुज का परिमाप का सूत्र जिनको

लम्बे समय तक याद करने का तरीका और सूत्रों को सिद्ध कैसे करते है

समांतर चतुर्भुज के क्षेत्रफल का सूत्र

समांतर चतुर्भुज के क्षेत्रफल का सूत्र

क्षेत्रफल = आधार की लम्बाई X ऊँचाई (लम्ब)
क्षेत्रफल (A) = आधार की लम्बाई ( पहली भुजा की लम्बाई ) X दूसरी असंगत भुजा की लम्बाई X sinα

A = a.b sinα = a.b sinβ = e.f.sinθ/2

इसका क्षेत्रफल अन्य चतुर्भुज की तरह ही होता है| लम्बाई और चौड़ाई का गुणनफल होता है|

लेकिन समांतर चतुर्भुज में चौड़ाई के स्थान पर ऊंचाई लिया जाता है|

समांतर चतुर्भुज का विकर्ण का सूत्र

समान्तर चतुर्भुज के सूत्र
समान्तर चतुर्भुज के सूत्र

जहाँ x और y समांतर चतुर्भुज का विकर्ण है|
α रेखा DA और AB के बिच का कोण है|
β रेखा AB और BC के बिच का कोण है|
भुजा AB = CD = a
भुजा DA = BC = b

समांतर चतुर्भुज का परिमाप का सूत्र

जैसा कि हम जानते हैं| सभी चतुर्भुज का परिमाप उनकी चारों भुजाओं के योगफल के बराबर होता है|

इसी प्रकार समांतर चतुर्भुज का परिमाप भी इसकी चारों भुजाओं का योग होगा|

जैसा कि उपरोक्त चित्र में समांतर चतुर्भुज दिखाया गया है|

जिसकी चार भुजाएं AB, BC, CD, DA है|
जहां भुजा AB = CD = a, BC = DA = b

समान्तर चतुर्भुज के सूत्र

Note – ध्यान दें की समांतर चतुर्भुज का परिमाप ज्ञात करते समय ऊंचाई का प्रयोग नहीं किया जाता है|

इसमें केवल भुजा की लंबाई और चौड़ाई का प्रयोग किया जाता है|

उदहारण – एक समांतर चतुर्भुज जिसकी एक भुजा 15 cm और दूसरी भुजा 20 cm और ऊंचाई 18 cm है|

इसका परिमाप क्या होगा?

हल – परिमाप = 2 x (a +b)

a = 15 cm, b = 20 cm, h = 18

परिमाप = 2 x (a +b)

= 2 x (15 +20)

= 2 x 35 = 70 cm यह उत्तर सही है|

लेकिन यदि इस प्रशन को ( परिमाप = 2 x (a +h) = 2 x (15 +18) = 2 x 32 = 64 )

प्रकार से हल किया जाये तो उत्तर गलत आएगा

समान्तर चतुर्भुज पतंगाकार चतुर्भुज
आयत वर्ग
समांतर चतुर्भुज की परिभाषा

समांतर चतुर्भुज | समांतर चतुर्भुज की परिभाषा | समांतर चतुर्भुज के विकर्ण | समांतर चतुर्भुज का परिमाप का सूत्र | समांतर चतुर्भुज के क्षेत्रफल का सूत्र | समांतर चतुर्भुज का विकर्ण का सूत्र

दो आसान समांतर चतुर्भुज की परिभाषा

प्रथम: समांतर चतुर्भुज की परिभाषा

आसान समांतर चतुर्भुज की परिभाषा कुछ इस प्रकार हो सकती है| “चार भुजाओ से घिरी वह आकृति जिसके आमने सामने की भुजाये सामान और समान्तर होती है।”

द्वतीय समांतर चतुर्भुज की परिभाषा

द्वितीय समांतर चतुर्भुज की परिभाषा कुछ इस प्रकार हो सकती है| “चार भुजाओं से गिरी वह आकृति, जिसमें सम्मुख भुजाएं अर्थात आमने-सामने की भुजाएं बराबर और समांतर होते है इसके सम्मुख कोण भी बराबर होते हैं।”

समांतर चतुर्भुज के गुणधर्म

समांतर चतुर्भुज के गुण

सम्मुख भुजाएं बराबर होती है।
सम्मुख कोण बराबर होते है।

समांतर चतुर्भुज के गुणधर्म के गुणधर्म की बात की जाये जो निम्न क्रम में दर्शाया गया है| जो बहुत ही महत्वपूर्ण है| जिसे दो भागो में समझाया गया है|

भाग-1

1. इसके आमने सामने की भुजा बराबर और समांतर होती है|
2. इस चतुर्भुज में बने एकांतर कोण बराबर होते हैं|
3. इसके विकर्ण समांतर चतुर्भुज के क्षेत्रफल को बराबर भागों में बांटता है|
4. इसके विकर्ण एक दूसरे को समद्विभाजित करते हैं|
5. इस चतुर्भुज में अन्य चतुर्भुज की तरह दो विकर्ण होते हैं| लेकिन यह विकर्ण आपस में समान नहीं होते अर्थात इनकी लम्बाई आपस में बराबर नहीं होती|

समांतर चतुर्भुज के गुणधर्म | Properties Of Parallelogram In Hindi

जैसा कि उपरोक्त चित्र में दो विकर्ण d1 और d2 है जिनकी लंबाई है आपस में बराबर नहीं है|
6. समांतर चतुर्भुज के विकर्ण के प्रतिछेद बिंदु पर 90 अंश का कोण नहीं बनता है|

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जैसा कि उपरोक्त चित्र में दिखाया गया है समांतर चतुर्भुज के दो विकर्ण d1 और d2 है| जो एक दूसरे को o बिंदु पर प्रतिछेद करते हैं|
∠AOB ≠ ∠BOC ≠ ∠COD ≠ ∠DOC = 90०
7. समांतर चतुर्भुज के विकर्ण एक दूसरे को सद्विभाजित करते हैं|
AO = OC = d2 / 2
BO = OD = d1 / 2
AO ≠ OD
BO ≠ OC

भाग-2

8. समांतर चतुर्भुज के विकर्ण इसके क्षेत्रफल को दो बराबर भागों में बाटते है|
9. समांतर चतुर्भुज के किसी एक विकर्ण से बने त्रिभुज सर्वांगसम होते हैं|
10.समांतर चतुर्भुज के दोनों विकर्ण से बने त्रिभुज के क्षेत्रफल बराबर होते हैं

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🛆AOB = 🛆BOC = 🛆COD = 🛆DOA
11. एक समांतर चतुर्भुज जिसके अंदर किसी भी स्थान पर एक बिंदु O है | यदि बिंदु A को से, B को O से, C को O से, D को O से मिला दिया जाए| तो इनसे बनने वाले चतुर्भुज के क्षेत्रफल (A1, A2, A3, A4) में निम्न संबंध होंगे|

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12. समांतर चतुर्भुज का विकर्ण इसके दो भुजाओं के मध्य बने कोणों को समद्विभाजित को नहीं करता है|

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उपरोक्त चित्र में दिखाए गए चतुर्भुज विकर्ण के प्रतिछेद से बने कोण ∠DAC और ∠BAC आपस में बराबर नहीं होगे

समांतर चतुर्भुज के क्षेत्रफल

चतुर्भुज के चारों भुजाओं से घिरा द्वीविमीय भाग ही चतुर्भुज का क्षेत्रफल है।

तीन महत्वपूर्ण समांतर चतुर्भुज के क्षेत्रफल का सूत्र

2\times आधार\times ऊंचाई
2\times ΔABD-का-क्षेत्रफल
कर्ण\times कर्ण-की-लम्बाई

तीन महत्वपूर्ण विधियो द्वारा समांतर चतुर्भुज का छेत्रफल ज्ञात करने का तरीका?

दोस्तों आपने समांतर चतुर्भुज की परिभाषा के बारे में पढ़ लिया आइए जानते हैं इसके क्षेत्रफल को कौन-कौन सी विधियों द्वारा ज्ञात किया जा सकता है। उपरोक्त चित्र में प्रदर्शीत किया गया है ।

इसकी चार भुजाएं AB, DC और DA, CB आपस में समांतर हैं यानि AB भुजा DC के समांतर है|और भुजा DA CB के समांतर है चतुर्भुज का क्षेत्रफल ज्ञात करने के लिए

इस चतुर्भुज के आधार की लंबाई और इसकी लंबवत ऊंचाई के गुणनफल के बराबर होता है|

A= b\times h

जहाँ A क्षेत्रफल, b आधार और h उचाई है।

समांतर चतुर्भुज का परिमाप का सूत्र

समांतर चतुर्भुज का परिमाप का सूत्र ज्ञात करने के लिए निम्न सूत्र का प्रयोग किया जाता है|

\frac{क्षेत्रफल}{कर्ण-की-लम्बाई}
संपूरक कोण पतंगाकार चतुर्भुज
आयत न्यून कोण
वृहत कोण पूरक कोण
अधिक कोण ऋजु कोण
Properties Of Parallelogram