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Prime numbers from 1 to 100 | Prime Numbers Definition, Properties, Co-Prime (PDF)

In the article, there is a discussion about the definition, properties, Prime numbers from 1 to 100, coprime of prime numbers.

Definition of prime number

Prime numbers are those numbers that are divisible only by 1 and by themselves. A number that is not divisible by any additional number is called a prime number. Prime numbers range from two to infinity.

Properties of Prime Numbers

In the following 8 properties of prime numbers are given.

  1. A prime number has only two factors.
  2. Zero and 1 are not prime numbers.
  3. 2 is an even prime number.
  4. All numbers except 2 are prime numbers.
  5. A prime number is not divisible by any number other than 1 and itself.
  6. The first prime number is 2.
  7. All prime numbers are greater than zero and one.
  8. All prime numbers greater than one are divisible by one.

Prime numbers list

Prime numbers from 1 to 10

There are four prime numbers between 1 and 10. 2, 3, 5, 7 are prime numbers between one and 10

Prime numbers table from 1 to 100

2357

Prime numbers from 11 to 20

There are four prime numbers between 11 and 20.

1113
1719

Prime numbers from 21 to 30

There are two prime numbers between 21 and 30.

2329

Prime numbers from 31 to 40

3137

Prime numbers from 41 to 50

414347

Prime numbers from 1 to 100

2, 3, 5, 7, 11, 13, 17, 19, 23, 29, 31, 37, 41, 43, 47,
53, 59, 61, 67, 71, 73, 79, 83, 89, 97 are prime numbers between 1 and 100. There are 25 prime numbers between 1 to 100.

Prime numbers table from 1 to 100

235711
1317192329
3137414347
5359616771
7379838997

Download prime numbers 1 to 100 pdf

Odd prime numbers from 1 to 100

The number which is not divisible by 2 is called an odd prime number. Prime number except 2 is an odd prime number. There are 24 prime numbers from one to 100.

Odd prime numbers table from 1 to 100

35711
1317192329
313741 4347
5359616771
7379838997

Even prime numbers from 1 to 100

The prime number which is divisible by only two is called an odd prime number. Only 2 odd is a prime number.

Composite numbers from 1 to 100

Composite numbers don’t even exist.

Prime numbers from 1 to 100 pdf

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Difference between a prime number and composite number

Prime numberComposite number
it has only two divisorsIt has more than 2 divisors
This number is not divisible by any number other than itself and one.This number is divisible by 1 and itself as well as other numbers
Zero and one are not prime numbers.0, 1, and 3 are not composite numbers
only two even prime numbersThe first composite number is 4
Examples of prime numbers are 2, 3, 5, 7, 11, 13, etcExamples of composite numbers are 4, 6, 8, 9, 10, etc.

Prime Numbers and Co-prime Numbers

prime numbersco-prime number
Prime numbers are divisible only by 1 and by themselves; they are not divisible by any other number.Such numbers or such pairs which are divisible by only one or have common factor 1, then that number is called co-prime number.
Must not be divided by an additional numberThe common factor should be 1
It has two factorsNumbers must be in pairs

Example

  • 5 and 9 are co-primes.
  • 6 and 11 are co-primes.
  • 18 and 35 are co-primes.

What is Twice Prime Number

Two prime numbers between which there is a difference of 2. Twins are called prime numbers.

Easy Way to Find Prime Numbers

  1. Step-1

    First, find the nearest square of the given number

  2. Step-2

    Find the square root of that number

  3. Step-3

    All the prime numbers that are less than or equal to the number obtained, divide by the given number.

  4. Step-4

    If the given number is not completely divisible then it is a prime number.

  1. First, find the nearest square of the given number
  1. Why is 11 not a prime number?

    11 is a prime number because it is not divisible by any number other than 1 and itself. 11 can have only two factors.

  2. What is the shortcut to find prime numbers from 1 to 100?

  3. What is the fastest way to find a prime number?

  4. Is there a formula for prime numbers?

    6n + 1 or 6n – 1, n = natural number

  5. What is the smallest prime number?

    2

  6. What is the only even prime number?

    2

  7. Is 3 the smallest prime number?

    No! the Smallest prime is 2

  8. What is the smallest prime number between 1 to 20?

    2 is the smallest prime number between 1 to 20

  9. Why 0 and 1 are not prime numbers?

    Because zero is a whole number. There is no factor of zero. Similarly, 1 has only one factor. So 0 and 1 are not prime numbers.

  10. What is the greatest prime number between 1 to 10?

    7 is the greatest prime number between 1 to 10

  11. Is 1 a prime number?

    No

  12. Is 91 a Prime Number?

    No

  13. Is 2 a Prime Number?

    Yes

  14. Is 101 a Prime Number?

    Yes

  15. What is the greatest prime number between 1 to 20?

    19

Trigonometry formulas

वृहत कोण की परिभाषा-वह कोण, जिसका मान 180 से अधिक और 360 से..

वृहत कोण की परिभाषा-वह कोण, जिसका मान 180 से अधिक और 360 

वृहत कोण की परिभाषा

180° और 360° के मध्य सभी कोण वृहत कोण  की श्रेणी में आते है

वृहत कोण की परिभाषा, वृहत कोण किसे कहते हैं, वृहत कोण क्या है, वृहत कोण किसे कहते है

वह कोण, जिसका मान 180° से अधिक और 360° से  कम होता है।  वृहत कोण  की श्रेणी में आता है।

वृहत कोण की परिभाषा

जैसा की उपरोक्त चित्र में दर्शाया गया है। 0° से 90° के बीच के कोण न्यून कोण, 90° से 180° के बीच के कोण अधिक कोण, 180° से 270 और 270° से 360° के मध्य बृहद कोण आते है।   

निम्न प्रश्नों में आप को चार विकल्प दिए गए। विकल्पों का अवलोकन करके आप को यह तय करना है की उनमे से कौन सा बृहद कोण है।   

Q1

वृहत कोण की परिभाषा

Ans- (c)  

Q2

वृहत कोण की परिभाषा

Ans-(d)  

Q3- 45°, 70°, 90°, 185°  

  1. 45°
  2. 70°
  3. 90°
  4. 185°

Ans-185°  

Q4– 195°, 180°, 35°, 20°

  1. 195°
  2. 180°
  3. 35°
  4. 20°

Ans-195°  

Q5- 88°, 58°, 20°, 220°

  1. 88°
  2. 58°
  3. 20°
  4. 220°

Ans-4  

संपूरक कोण पूरक कोण 
शीर्षाभिमुख कोणआसन्न कोण
न्यून कोणअधिक कोण
ऋजु कोणवृहत कोण

ऋजु कोण की परिभाषा – 180° मान वाले कोण को ऋजु कोण

ऋजु कोण की परिभाषा 

180° मान वाले कोण को ऋजु कोण कहते हैं। या वह कोण जिसका मान 180° होता है। अधिक कोण होते है|

ऋजु कोण की परिभाषा

जैसा कि उपरोक्त चित्र में रेखा AC  पर कोण ㄥABC उपस्थित है।

संपूरक कोण पूरक कोण 
शीर्षाभिमुख कोणआसन्न कोण
न्यून कोणअधिक कोण
ऋजु कोणवृहत कोण

संपूरक कोण किसे कहते हैं प्रतियोगी परीछा में आने वाले महत्वपूर्ण प्रशन

पूरक कोण किसे कहते हैं | इसकी परिभाषा/अर्थ, मान और योग

शीर्षाभिमुख कोण की परिभाषा प्रतियोगी परिछाओ में पूछे जाने वाले महत्वा पूर्ण प्रसनो के साथ

आसन्न कोण की परिभाषा | आसन्न कोण क्या होता है | आसन्न कोण किसे कहते हैं | आसन्न कोण in english

न्यून कोण की परिभाषा , सूत्र, न्यून कोण कितने अंश का होता हैं। एवं महत्वपूर्ण प्रशन्न

अधिक कोण की परिभाषा-वे कोण जो 90० से अधिक और 180० से छोटे

वृहत कोण की परिभाषा-वह कोण, जिसका मान 180 से अधिक और 360 से

अधिक कोण की परिभाषा-वे कोण जो 90० से अधिक और 180० से छोटे…

इस आर्टिकल अधिक कोण (Obtuse angle) की परिभाषा आसान शब्दों में बताया जो लम्बे समय तक याद रखने में आसानी होगी।

अधिक कोण की परिभाषा

वे कोण जो 90० से अधिक और 180० से छोटे होते है। अधिक कोण (Obtuse angle) कहलाते है।  

अधिक कोण की परिभाषा-वे कोण जो 90० से अधिक और 180० से छोटे

या 90० और 180० के मध्य कोणों को adhik kon की श्रेणी में रखा गया है। 

जैसा कि निम्न चित्रा में कोण 90० और 180० के मध्य पाँच कोण क्रमशः 120०, 135०, 145०, 160० और 165० दर्शाये गए है जो adhik kon की श्रेणी में आते है। 

अधिक कोण किसे कहते हैं

निम्न प्रशनो में चार विकल्प दिए गए है। आप को यह तय करना है की उनमे कौन adhik kon की श्रेणी में आता है।

Q1

अधिक कोण किसे कहते हैं, अधिक कोण का मान

Ans- (b)  

Q2

अधिक कोण क्या है

Ans-(a)  

Q3

अधिक कोण की परिभाषा-वे कोण जो 90० से अधिक और 180० से छोटे... 1

Ans-(a)

निम्न प्रश्नों में चार कोण दिए गए है। आप को तय करना की कौन सा adhik kon है।  

Q4 35°, 40°, 70°, 120° ?  

  1. 40°
  2. 70°
  3. 35°
  4. 120°

Ans- 120°    

Q5 140°, 180°, 235°, 275°?

  1. 235°
  2. 140°
  3. 180°
  4. 275°

Ans-140°  

Q6 23.3°, 255.5°, 138.8°, 195.7°?  

  1. 138.8°
  2. 23.3°
  3. 255.5°
  4. 195.7°

Ans- 138.8°  

Q7 (35-25)°, (180-40)°, (270-60)°, (45-15)°  

  1. (180-40)°
  2. (35-25)°
  3. (270-60)°
  4. (45-15)°

Ans- (180-40)°  

Q8 (220-40)°, (180-40)°, (70-30)°, (280-80)°  

  1. (180-40)°
  2. (220-40)°
  3. (70-30)°
  4. (280-80)°

Ans- (180-40)°  

संपूरक कोण पतंगाकार चतुर्भुज
आयत न्यून कोण
वृहत कोण पूरक कोण
अधिक कोण ऋजु कोण

न्यून कोण की परिभाषा , सूत्र, न्यून कोण कितने अंश का होता हैं। एवं महत्वपूर्ण प्रशन्न

यदि आप न्यून कोण को लेकर हमेशा कंफ्यूज रहते है। तो इस आर्टिकल में आप को पूरी जानकारी दी गयी है| यह कितने अंश का होता है। और इसके सूत्र के बिषय में पूरी जानकारी दी गयी है। जिससे आप की संदेह दूर होंगे।

न्यून कोण की परिभाषा

वे कोण जिनका मान 0 ०  से अधिक और 90 से कम  हो उन्हें न्यून कोण  कहते है।  

न्यून कोण की परिभाषा, न्यून कोण कितने अंश का होता हैं।, nyun kon ki paribhasha, nyun kon kise kahte hai, nyun kon kya hai, न्यून कोण कितने डिग्री का होता है, acute angle definition in hindi

अर्थात हम यह कह सकते है। की 90 ० से कम सभी धनात्मक कोण को “न्यून कोण ” कहते है।

व्याख्या 

न्यून कोण की परिभाषा , सूत्र, न्यून कोण कितने अंश का होता हैं। एवं महत्वपूर्ण प्रशनो के हल

जैसा कि उपरोक्त चित्र कोण BOC , BOD के मान क्रमशः 30 ० और 60 ० है। जो 90 ० से कम है। जैसा परिभाषा में बताया गया है।

की वे कोण जो 90 ० से कम होते है। nyun kon की श्रेणी में रखे जाते है। अतः कोण 30 ० और 60 ० nyun kon है।

Q1- 60 ० किस कोण की श्रेणी में आता है ?

  1. पूरक कोण 
  2. न्यून कोण
  3. अधिक कोण 
  4. शीर्षाभिमुख कोण

Ans- 2

Q2- 30 ० किस कोण की श्रेणी में रखा जाता है ?

  1. पूरक कोण 
  2. न्यून कोण
  3. अधिक कोण 
  4. शीर्षाभिमुख कोण

Ans- 2 Questions-3  

Q3- 1 ०, 5 ० ,6 ० ,7 ० में कौन से कोण Nyun kon है ?

  1. 1 ०
  2. 5 ०
  3. 6 ०
  4. 7 ०

Ans- सभी उत्तर सही है।

 Q4- क्या 90 ० Nyun kon की श्रेणी में आता है ?

  1. हाँ 
  2. ना 

Ans-2  

Q4-  निम्न में कौन-सा Nyun kon है सही विकल्प चुने ?

  1. 89० 
  2. 210० 
  3. 312० 
  4. 155० 

Ans-1

न्यून कोण कितने अंश का होता है?

0 ० से 90० के मध्य कोणों को न्यून कोण कहा जाता है|

न्यून कोण क्या है

वे कोण जिनका मान 0 ० से अधिक और 90 से कम हो उन्हें न्यून कोण कहते है।

क्या 90० न्यून की श्रेणी में आता है?

नहीँ

न्यून कोण का मान कितना होता है?

0 ० से 90० के मध्य

संपूरक कोण पूरक कोण 
शीर्षाभिमुख कोणआसन्न कोण
न्यून कोणअधिक कोण
ऋजु कोणवृहत कोण

पूरक कोण किसे कहते हैं | इसकी परिभाषा/अर्थ, मान और योग

पूरक कोण किसे कहते हैं।

समकोण (Right angle) के बराबर किन्ही दो कोनों को purak kon कहते है।

पूरक कोण की परिभाषा

दो कोणों का योग समकोण (Right angle) के बराबर हो तो ऐसे कोणों को “purak kon” कहते है। 

गणित के सभी कोण 

पूरक कोण का अर्थ

वे कोण जिनका योग 90० हो।

पूरक कोण का मान या योग 

इसका मान  का मान 90०  होता है  

पूरक कोण के उदाहण 

पूरक कोण

उपरोक्त चित्र में दो कोण दिए गये है जिनमे से कोण AOB का मान 30० है| और कोण AOC का मान 60० है| 

अतः इन कोणों का योग  ∠AOB + ∠AOC = 30०  + 60०  = 90०  इसी प्रकार यदि किन्ही दो कोणों का योग 90० हो तो वे purak kon कहलायेगे|

महत्वा पूर्ण प्रसन –

Q1- दो कोण A और B जिनके मान क्रमशः 45०, 45 है तो ये कोण ?

  1. संपूरक कोण है 
  2. purak kon 
  3. अनुपूरक कोण है 
  4. आसन्न कोण है 

Ans- 2

कोण A और कोण B का योग करके देखने पर इनका मान 90० आता है|

अतः हम जानते है की यदि दो कोणों का यो 90० है| तो वे कोण purak kon कहते है| 

Q2दो कोण जिनके मान क्रमशः A = 30० और B = 60० तो ये कोण है ?

  1. संपूरक कोण है 
  2. purak kon
  3. अनुपूरक कोण है 
  4. आसन्न कोण

Ans- 2

कोण A और कोण B का योग करके देखने पर इनका मान 90० आता है|

अतः हम जानते है की यदि दो कोणों का यो 90० है| तो वे कोण purak kon कहते है|

Q3- दो कोण A और B जो एक दुसरे के पूरक है यदि कोण A = 30० है तो कोण B का मान क्या होगा ?

  1. 30० 
  2. 40० 
  3. 50० 
  4. 60० 

Ans- 4

हम जानते है purak kon का मान 90० होता है| अतः कोण ∠A + ∠B = 90० जहाँ ∠A = 30 है| 

∠A + ∠B = 90०  30०  + ∠B = 90०  ∠B = 90० – 30०  ∠B= 60० 

Q4- दो कोण A और B जो एक दुसरे के पूरक है यदि कोण A = 60० है तो कोण B का मान क्या होगा?

  1. 30० 
  2. 40० 
  3. 50० 
  4. 60० 

Ans 4

हम जानते है purak kon का मान 90० होता है| अतः कोण ∠A + ∠B = 90० जहाँ ∠A = 60  है| 

∠A + ∠B = 90०  60०  + ∠B = 90०  ∠B = 90० – 60०  ∠B= 30०    

संपूरक कोण पूरक कोण 
शीर्षाभिमुख कोणआसन्न कोण
न्यून कोणअधिक कोण
ऋजु कोणवृहत कोण

शीर्षाभिमुख कोण की परिभाषा प्रतियोगी परिछाओ में पूछे जाने वाले महत्वा पूर्ण प्रसनो के साथ

शीर्षाभिमुख कोण की परिभाषा

नमस्कार दोस्तों ! हम एस आर्टिकल में शीर्षाभिमुख कोण (vertically opposite angles) की परिभाषा जानेगे

“जब दो रेखाए एक दुसरे को कटती हो तो एक दुसरे के विपरीत बना कोण, शीर्षाभिमुख कोण (vertically opposite angles) कहलाता है |”

 उदाहरण 

शीर्षाभिमुख कोण (vertically opposite angles) को समझाने के लिए सबसे पहले दो रेखा खिचे जो एक-दुसरे मध्य में कटती हो |

माना ये रेखाए AB और  CD है | जो एक-दुसरे को बिंदु O पर कटती है | तो ऐसे स्थिति में चार कोण बन रहे है |

 ∠AOC, ∠DOB, ∠AOD, ∠COD जिन्हें क्रमशः ∠a, ∠b, ∠c, ∠d से प्रदर्शित किया गया है |

जहाँ कोण ∠a और ∠c तथा ∠b और ∠d शीर्षाभिमुख कोण (vertically opposite angles) है | शीर्षाभिमुख कोण आपस में सामान होते है

शीर्षाभिमुख कोण

सम्बंधित प्रशन 

प्रशन -1 – दो सरल रेखाए AB तथा CD परस्पर बिंदु O पर कटाती है. यदि ∠AOC = 50 हो, तो ∠BOC का मान क्या होगा ?

शीर्षाभिमुख कोण की परिभाषा

विकल्प – 

(a) 40                      (b) 50
(c) 140                    (d) 130

हल – 

चुकी AOB एक सीधी रेखा है|

∠AOC +  ∠BOC = 180

⇨ 50 + ∠BOC = 180

⇨∠ BOC = (180-50)

⇨30

प्रशन-2 – दो सरल रेखाए AB तथा CD परस्पर O बिदु पर काटती है| यदि ∠BOC+∠AOD = 280 हो, तो∠ AOC का मान क्या होगा ?

शीर्षाभिमुख कोण

विकल्प – 

(a) 70                     (b) 80
(c) 40                     (d) 35

हल –

स्पस्ट है की ∠BOC = ∠AOD = x (माना)

⇨तब x+x = 280

⇨2x = 280

⇨x = 140

⇨∠BOC = 140

⇨अब ∠AOC + ∠BOC = 180

⇨∠AOC + 140 = 180

⇨∠ AOC = 40


प्रशन-3 दो सरल रेखाए AB तथा CD परस्पर बिंदु O पर काटती है | यदि ㄥAOD = (3x-10) तथा ㄥBOC = (2x +30) हो, तो ㄥAOC का मान क्या होगा ?

शीर्षाभिमुख कोण

विकल्प – 

(a) 35                    (b) 45
(c) 60                    (d) 70

हल –

AOD = ㄥBOC

💨3x -10 = 2x + 30

💨x = 40

💨ㄥAOD = (3 40 – 10)

💨120 -10

💨110

💨परन्तु ㄥAOC+ㄥAOD = 180

💨ㄥAOC+110 = 180

💨ㄥAOC = 70

संपूरक कोण पूरक कोण 
शीर्षाभिमुख कोणआसन्न कोण
न्यून कोणअधिक कोण
ऋजु कोणवृहत कोण

आसन्न कोण की परिभाषा | आसन्न कोण क्या होता है | आसन्न कोण किसे कहते हैं | आसन्न कोण in english

आसन्न कोण की परिभाषा

आसन्न कोण (adjacent angle) की परिभाषा – वैसे दो कोण जिसकी एक भुजा उभयनिस्ट हो और उनका एक ही शीर्ष हो आसन्न कोण (adjacent angle) कहलाता है।

or

यदि कोई किरण किसी रेखा पर खड़ी हो तो इस प्रकार बने दो आसन्न कोणों (adjacent angle) का योग 180 होता है|

or

यदि दो आसन्न कोणों (adjacent angle) का योग 180 हो तो उनकी बाह्य भुजाये एक ही रेखा पर होती है |

आसन्न कोण की परिभाषा की ब्याख्या बिस्तार से

आसन्न कोण की परिभाषा | आसन्न कोण क्या होता है | आसन्न कोण किसे कहते हैं | आसन्न कोण in english 2

माना एक रेखा ∠AB है जिस पर C एक बिंदु है बिंदु C पर रेखा D आकर मिलती है| जिससे दो कोण का निर्माण होता है|

∠ACD और कोण ∠BCD | एन दोनों कोणों का योग 180 है| ∠ACD और ∠BCD आसन्न कोण है

प्रतियोगी परिछाओ में पूछे जाने वाले कुछ महत्वपूण प्रसन

Q1 – दिए गये चित्र में AOB एक सरल रेखा (simple Line) है| जिस पर किरण OC खड़ी है| यदि a:b = 2:1 हो तो a का मान क्या होगा ?

आसन्न कोण की परिभाषा | आसन्न कोण क्या होता है | आसन्न कोण किसे कहते हैं | आसन्न कोण in english 3

विकल्प

(a) 80                       (b) 100

(c)  120                     (d) 140

हल – माना a = 2x तथा b = x

⇨a+b =  180

⇨2x + x = 180

⇨3x = 180 — x = 60

प्रसन 2 – दिए गये चित्र में AOB एक सरल रेखा है |जिस पर किरण OC खड़ी है |(a -b) = 80 हो, तो a का मान क्या होगा?

आसन्न कोण की परिभाषा | आसन्न कोण क्या होता है | आसन्न कोण किसे कहते हैं | आसन्न कोण in english 4

विकल्प

(a) 150                      (b) 130
(c) 110                       (d) 140

हल

स्पस्ट है की a+b = 180        …………..(i)

⇨तथा  a-b = 80                      ………(ii)

⇨इन्हे जोड़ने पर ((a+b) + (a-b)) = 180+80

⇨2a = 260

⇨a = 130

प्रसन 3 – दिये गये चित्र में AOB एक सरल रेखा है | जिस पर किरण OC खड़ी है |यदि AOC = (3x -5) तथा BOC = (2x + 25) हो, x का मान बताईये ?

आसन्न कोण की परिभाषा | आसन्न कोण क्या होता है | आसन्न कोण किसे कहते हैं | आसन्न कोण in english 5

बिकल्प

(a) 30                       (b) 28
(c) 34                       (d) 32

हल

स्पस्ट है की AOC + BOC = 180

⇨(3x -5) + (2x + 25) = 180

⇨5x + 20 = 180

⇨5x = 160

⇨ x =32

संपूरक कोण किसे कहते हैं           सम्मुख कोण की परिभाषा      सरल कोण  की परिभाषा

अनुपूरक कोण परिभाषा               एकांतर कोण की परिभाषा      न्यून कोण की परिभाषा

संपूरक कोण किसे कहते हैं प्रतियोगी परीछा में आने वाले महत्वपूर्ण प्रशन

हम इस आर्टिकल में  संपूरक कोण (supplementary angle) के बारे में जानेंगे की संपूरक कोण (supplementary angle) किसे कहते हैं। और इस टॉपिक से प्रतियोगी परीछा में आने वाले प्रश्नों का अध्ययन करेंगे। अक्सर संपूरक कोण (supplementary angle) से अलग अलग एग्जाम में प्रशन आते रहते हैं।

संपूरक कोण शब्द का नाम सुनाने पर हमारे दिमाग में यह विचार आता है| की संपूरक कोण किसे कहते हैं? | संपूरक कोण की परिभाषा क्या है? | संपूरक कोण का मान क्या होता है| इस आर्टिकल में इन विषयो पर सम्पूर्ण जानकारी डी गयी है|

संपूरक कोण किसे कहते हैं?

यदि किन्ही दो कोणों का योग 180 अंश हो तो इस प्रकार के कोण को संपूरक कोण (supplementary angle) कहते हैं। “

संपूरक कोण की परिभाषा

ऐसे कोणो का युग में जिनका योग 180 अंश के बराबर हो sampurak kon (supplementary angle) कहलाते हैं।

संपूरक कोण

माना दो कोण A और B है। इन कोणों के मान क्रमशः A = 70० और कोण B =110० इनका योग 180 अंश बराबर है।

अर्थात A+B = 70 + 110 = 180 है। इसका अर्थ यह हुआ कि यह “संपूरक कोण” (supplementary angle) हैं।

संपूरक कोण का मान

संपूरक कोण का मान 180 के बराबर होता है|

संपूरक कोण महत्वपूर्ण प्रश्न

  • दो कोण A और B जिनके मान क्रमशा A = 100 और B = 80 अंश है| इन दोनों कोणों का योग 180 अंश है| तो ये …… कोण है|
  1. संपूरक कोण
  2. पूरक कोण
  3. आसन्नः कोण
  4. शिर्षभिमुख कोण

Ans – 1

  • उस कोण का मान क्या है जो अपने संपूरक कोण का 5 गुना है?
  1. 100०
  2. 150०
  3. 180०
  4. 270०

Ans- 150०

हल

माना कि एक कोण A है|
A का संपूरक कोण A=(180 -A) प्रश्न के अनुसार A = 5(180-A) A = 900 – 5 A 6A = 900 A = 150

  • उस कोण का मान क्या है जो अपने संपूरक कोण का 2 गुना है?
  1. 150०
  2. 180०
  3. 160०
  4. 270०

Ans- 3

माना कि एक कोण A है|

A का संपूरक कोण A=(180 -A)  प्रश्न के अनुसार A = 2(180-A)   A = 360 – 2A   3A = 360   A = 120

  • उस कोण का मान क्या है जो अपने संपूरक कोण का 8 गुना है?
  1. 150०
  2. 180०
  3. 160०
  4. 270०

Ans- 3

माना कि एक कोण A है|

A का संपूरक कोण A=(180 -A)  प्रश्न के अनुसार A = 8(180-A)   A = 1440 – 8A   9A = 1440   A = 160

संपूरक कोण पूरक कोण 
शीर्षाभिमुख कोणआसन्न कोण
न्यून कोणअधिक कोण
ऋजु कोणवृहत कोण