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वास्तविक संख्या किसे कहते हैं? इसकी परिभाषा, गुण, प्रकार सूत्र और उदहारण आदि

वास्तविक संख्या किसे कहते हैं?

वास्तविक संख्या किसे कहते हैं?वे सभी संख्याएं जो हम अपने किताब में या अन्य कहीं पर देखते हैं, वे सभी संख्याएँ वास्तविक संख्याएँ हैं। वास्तविक संख्याओं को R से प्रदर्शित किया जाता है।

हम अपने चारो तरफ जीतनी भी संख्याये यह सभी वास्तविक संख्याएं हैं वास्तविक संख्याओं का प्रयोग वस्तुओं को गिनने में, तापमान का पता लगाने में, भिन्न और दशमलव को दर्शाने में किया जाता है वास्तविक संख्याएं कई प्रकार की होती हैं इस अध्याय में हम सभी वास्तविक संख्याओं के बारे में जानेंगे

वास्तविक संख्या की परिभाषा

सभी प्रकार की संख्याएँ जो हमारे आस-पास होती है। वास्तविक संख्याएँ कहलाती है। जैसे प्राकृतिक संख्याएं, पूर्ण संख्याएं, पूर्णांक संख्याएं, परिमेय संख्याएं, अपरिमेय संख्याएं आदि सभी वास्तविक संख्याएं है।

वास्तविक संख्या के महत्वपूर्ण बिंदु

सभी संख्याएं वास्तविक संख्या है। लेकिन सम्मिश्र संख्याओं (complex number) को छोड़कर। सम्मिश्र संख्याओं (complex number) वास्तविक संख्या नहीं है।

  • वस्तुओ को गिनने में वास्तविक संख्या का प्रयोग होता है, जो एक वास्तविक संख्या है। उदाहरण- N = 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7 ….. आदि।
  • प्राकृतिक संख्याओं में 0 को शामिल कर लिया जाये तो वे पूर्ण संख्या कहलाती है। पूर्ण संख्या भी वास्तविक संख्या है। उदाहरण = W = 0, 1, 2, 3, 4, 5 …… आदि।
  • यदि पूर्ण संख्या में ऋण संख्या को भी शामिल कर लिया जाए तो वह पूर्णांक संख्या कहलाती है। पूर्णांक संख्या एक वास्तविक संख्या है। उदहारण – Z = …,-4, -3, -2, -1, 0, 1, 2, 3, -4… आदि
  • परिमेय संख्या भी एक वास्तविक संख्या है। उदहारण – 1/2, 4/5, 7/9 आदि परिमेय संख्याएं है।

वास्तविक संख्या के प्रकार

मिश्रित संख्या को छोड़कर सभी संख्याएं वास्तविक संख्याएं है। जैसा की निम्न चित्र में दिया गया है।

वास्तविक संख्या किसे कहते हैं?
वास्तविक संख्या के प्रकार

वास्तविक संख्या के गुण

वास्तविक संख्या के गुण निचे दिया है।

क्लोजर प्रॉपर्टी (Closure Property)

  • दो वास्तविक संख्याओं का योग वास्तविक संख्या होती है।
  • दो वास्तविक संख्या का गुणनफल वास्तविक संख्या ही होता है।

संबंधी संपत्ति (Associative Property)

तीन वास्तविक संख्या को किसी भी स्थिति में जोड़ा जाये योगफल वास्तविक संख्या होता है। जैसे a + (b + c) = (a + b) + c and a × (b × c) = (a × b) × c

क्रमचयी गुणधर्म (Commutative Property)

दो वास्तविक संख्याओं का योगफल वही रहता है। यदि उनका क्रम बदल दिया जाएं। जैसी a + b = b + a और a × b = b × a

वितरण की जाने वाली संपत्ति (Distributive Property)

वास्तविक संख्याओं को जोड़ने पर गुणन का वितरण a × (b + c) = (a × b) + (a × c) है। घटाव पर गुणन a × (b – c) = (a × b) होता है।

वास्तविक संख्या के सूत्र

a = bq + r, 0 ≤ r < b जहाँ a और b पूर्णांक संख्या, q पूर्ण संख्या

संख्या क्या है? संख्या के प्रकार वास्तविक संख्या
अभाज्य संख्यापूर्णांक संख्या
पूर्ण संख्याविषम संख्या
पूर्ण संख्या और पूर्णांक संख्याप्राकृतिक संख्या
सम संख्या और विषम संख्या

क्या 0 वास्तविक संख्या है?

शून्य एक वास्तविक संख्या है।

वास्तविक संख्या के 2 प्रकार क्या हैं?

वास्तविक संख्या के 2 प्रकार 1. पूर्ण संख्या, 2. पूर्णाक संख्या

क्या 3 एक वास्तविक संख्या है?

हाँ ! 3 एक वास्तविक संख्या है। और साथ-साथ यह पूर्ण संख्या है।

सबसे बड़ी वास्तविक संख्या कौन सी है?

सबसे बड़ी वास्तविक संख्या नहीं होती है। अनंत को सबसे बड़ी है।

क्या एक अपरिमेय संख्या एक वास्तविक संख्या है?

हाँ! अपरिमेय संख्या एक वास्तविक संख्या है।

सबसे छोटी वास्तविक संख्या कौन सी है?

– ∞ (अनंत) सबसे छोटी वास्तविक संख्या है।

अभाज्य संख्या क्या है? इसकी परिभाषा, प्रकार, गुण और उदहारण

अभाज्य संख्या क्या है?

अभाज्य संख्या उन संख्याओं को कहा जाता है, जो स्वयं और 1 से विभाजित होते हैं। जैसे 2, 3, 5, 7, 11 आदि अभाज्य संख्याएं हैं। यह संख्या है केवल स्वयं और 1 से विभाजित होती है।

अभाज्य संख्या की परिभाषा

केवल स्वयं और 1 से विभाजित होने वाली संख्याएं अभाज्य संख्या होती है।

अभाज्य संख्याओं के गुण

अभाज्य संख्याओं के गुण निम्न पैराग्राफ में दिए गए हैं।

  • सभी अभाज्य संख्याएं एक से बड़ी होती हैं, और यह पूर्ण संख्याएं होती है।
  • अभाज्य संख्याओं के केवल 2 गुणनखंड होते हैं पहला एक और दूसरा स्वयं।
  • 2 ही एक ऐसी संख्या है, जो सम अभाज्य संख्या है।
  • दो अभाज्य संख्या है, एक दूसरे की सह अभाज्य संख्या संख्याएं होती है।
  • प्रत्येक अभाज्य संख्या का केवल दो ही गुणनखंड होता है इसका अर्थ यह है, कि अभाज्य संख्याओं को गुणनखंड के रूप में व्यक्त किया जा सकता है।
संख्या क्या है? संख्या के प्रकार वास्तविक संख्या
अभाज्य संख्यापूर्णांक संख्या
पूर्ण संख्याविषम संख्या
पूर्ण संख्या और पूर्णांक संख्याप्राकृतिक संख्या
सम संख्या और विषम संख्या

भाज्य अभाज्य संख्या में अंतर

भाज्य संख्याएंअभाज्य संख्याएं
यह दो से अधिक संख्याओं से विभाजित हो सकते हैंयह केवल दो संख्याओं से ही विभाजित हो सकते हैं
इसके दो से अधिक गुणनखंड हो सकते हैंइसके केवल दो ही गुणनखंड हो सकते हैं

अभाज्य संख्या कैसे ज्ञात करें

अभाज्य संख्या ज्ञात करने के लिए कई तरीके हैं, जिनमें से एक तरीका निम्न में दिया गया।

अभाज्य संख्याएँ ज्ञात करने के विभिन्न तरीके हैं। आइए इनमें से दो तरीकों के बारे में जानते हैं।

पहला नियम: n2 + n + 41′ सूत्र का प्रयोग करके कई बड़ी अभाज्य संख्या ज्ञात की जा सकती हैं जहाँ n एक पूर्ण संख्या है। कुछ उदाहरण नीचे दिए गए हैं

यदि n का मान रखा जाए तो इस सूत्र से 41 अभाज्य संख्या प्राप्त होगी 02 + 0 + 41 = 0 + 41 = 41

यदि n का मान एक रखा जाए तो प्राप्त होने वाली अभाज्य संख्या 43 होगी
12 + 1 + 41 = 2 + 41 = 43
इसी प्रकार n का मान 2 रखा जाए तो प्राप्त होने वाली अभाज्य संख्या 47 होगी

22 + 2 + 41 = 6 + 41 = 47

इस चित्र की सहायता से हम 40 बड़ी अभाज्य संख्याओं को ज्ञात कर सकते हैं
इसी तरह जारी रखते हुए, आप 40 से बड़ी सभी अभाज्य संख्याओं की गणना कर सकते हैं।

दूसरी विधि

इस विधि में आवाज संख्या ज्ञात करने के लिए 6n + 1 या 6n-1′ सूत्र का प्रयोग कर सकते हैं दो और तीन अभाज्य संख्याओं को छोड़कर सभी अभाज्य संख्याओं को 6n + 1 या 6n-1′ के रूप में लिखा जा सकता है जहां पर एक पूर्ण संख्या है इस सूत्र मे n का मान अलग अलग रखकर अभाज्य संख्याएं ज्ञात की जा सकती है उदाहरण के रूप म

6(1) – 1 = 5
6(1) + 1 = 7
६(२) – १ = ११
६(२) + १ = १३
5, 7, 11 और 13 ये सभी अभाज्य संख्याएं हैं

अभाज्य संख्या 50 तक

prime numbers 1 to 50

पूर्णांक संख्या किसे कहते हैं? इसकी परिभाषा, प्रकार, गुण और उदहारण

पूर्णांक का अंग्रेजी शब्द “integer” को लैटिन से लिया गया है। जिसका अर्थ है, सम्पूर्णपूर्ण संख्या में ऋणात्मक संख्या (negative number) को भी सामिल कर लिया जाये तो पूर्णांक संख्या (integer number) कहते है।

पूर्णांक संख्या किसे कहते हैं?

वे सभी धनात्मक और ऋणात्मक संख्या (negative number) जिनमे शून्य भी शामिल हो पूर्णांक संख्या (integer number) कहते है। पूर्णांक संख्या (integer number) में दसमलव (decimal), भिन्न संख्याएँ नहीं शामिल है। पूर्णांकों के उदाहरण: -5,-2, -1, 0, 1, 5, 8, 97 है। पूर्णांकों को Z द्वारा प्रदर्शित किया जाता है।

पूर्णांक संख्या की परिभाषा

पूर्ण, ऋणात्मक और शून्य संख्याओं के समूह को जिनमे दसमलव (decimal) और भिन्न न शामिल हो पूर्णांक की श्रेणी में आते है।

पूर्णांक संख्या के प्रकार

पूर्णांक संख्या (integer number) तीन प्रकार की होती है।

पूर्णांक संख्या के प्रकार
पूर्णांक के प्रकार

धनात्मक पूर्णांक (positive integer)

वे सभी प्राकृतिक संख्या जिनका मान शून्य से अनंत  (1, 2, 3, 4, 5 —— ∞) तक होता है, प्राकृतिक संख्या धनात्मक पूर्णांक (positive integer) कहलाती है इनका मान
 (1, 2, 3, 4, 5 —— ∞)  

ऋणात्मक पूर्णाक

 वे सभी संख्याये जिनका मान ऋणात्मक होता है या सभी ऋणात्मक संख्या (negative number) ऋणात्मक पूर्णांक (negative integer) कहलाती है। इनका मान -1 से -∞ तक होता है इनका मान (-1, -2, -3, -4, -5……. -∞)

शून्य पूर्णांक

शून्य को न तो ऋणात्मक और न ही धनात्मक पूर्णांक (positive integer) के रूप में परिभाषित किया जाता है। यह एक पूर्ण संख्या है।

शून्य को ना ही धनात्मक पूर्णांक (positive integer) और ना ही ऋणात्मक पूर्णांक संख्या (negative integer number) कहाँ जा सकता है, इसे केवल पूर्णांक संख्या (integer number) कहाँ जा सकता है। अतःशून्य केवल पूर्णांक संख्या (integer number) है।

पूर्णांकों की संख्या रेखा

संख्या रेखा पर किसी भी प्रकार की संख्याओं को निश्चित अंतराल पर प्रदर्शित किया जाता है। संख्या रेखा का प्रयोग संख्याओं की तुलना करने के लिए किया जाता है। यह अनंत तक क्षैतिज रूप से फैली हो सकती है।

अन्य संख्याओं की तरह पूर्णांक संख्या (integer number) को भी संख्या रेखा पर प्रदर्शित किया गया है।

पूर्णांक संख्या रेखा
  • संख्या रेखा में संख्या सदैव बायीं से दायी ओर लिखी जाती है।
  • पूर्णांक के संख्या रेखा में 0 के दायी ओर धनात्मक संख्याये, क्योकि ये 0 से बड़ी होती है।
  • पूर्णांक रेखा ऋणात्मक संख्याये (negative numbers) 0 के बायीं ओर रखी जाती है। क्योकि ये संख्याये 0 से कम होती है।
  • शून्य ना ही धनात्मक है, और ना ही ऋणात्मक है। इसलिए इसे बीच में रखा जाता है।
संख्या क्या है? संख्या के प्रकार वास्तविक संख्या
अभाज्य संख्यापूर्णांक संख्या
पूर्ण संख्याविषम संख्या
पूर्ण संख्या और पूर्णांक संख्याप्राकृतिक संख्या
सम संख्या और विषम संख्या

पूर्णांकों के नियम

पूर्णांकों के नियम में हम पूर्णांकों के योग, घटाव, गुणन और विभाजन के बारे में जानेगे।

पूर्णांकों का योग

दो पूर्णांकों के योग

इसमें दो पूर्णांकों के योग के विषय में बताया गया है। जब दोनों पूर्णांक धनात्मक हो या उनमे से एक ऋणात्मक हो।

दो पूर्णांकों का योग यदि दोनों पूर्णांक धनात्मक हो।

जब दो पूर्णांकों धनात्मक हो और उनका योग किया जाये योगफल वाली संख्या धनात्मक होगी। जैसे 5 + 2 = 7, यहाँ पर 5, 2 और 7 तीनो धनात्मक है।

दो पूर्णांकों का योग यदि एक धनात्मक और दूसरा ऋणात्मक हो।

यदि दो पूर्णांकों के योग में एक धनात्मक हो और दूसरा ऋणात्मक हो तो योग करने के बाद बड़ी संख्या में से छोटी संख्या घट जाती है। और प्राप्त परिणाम में बड़ी संख्या का चिन्ह लगा देते है।

जैसे – (-5 + 2) = -3, इसमें -5 ऋणात्मक और सबसे बड़ी है। इसलिए -5 में से 2 घट जायेगा। 5 में से 2 घटने पर 3 बचेगा। बड़ी संख्या ऋणात्मक है, इसलिए बड़ी संख्या का चिन्ह प्राप्त परिणाम 3 में लगा देंगे। जो -3 होगा।

इसी प्रकार यदि 2 ऋणात्मक और 5 धनात्मक हो परिणाम धनात्मक होगा।

दो पूर्णांकों को जोड़ने पर हमें निम्नलिखित स्थितियाँ प्राप्त होती हैं:

पूर्णांकों का घटाव

दो पूर्णांकों करते समय बड़ी संख्या से छोटी संख्या घटाते है। प्राप्त परिणाम में बड़े संख्या का चिन्ह लगते है। यदि बड़ी संख्या ऋणात्मक होगी प्राप्त परिणाम ऋणात्मक होगा। यदि बड़ी संख्या धनात्मक होगी तो परिणाम भी धनात्मक होगा।

जैसे:- 12 और -20 को जोड़ने पर 8 प्राप्त होता है। लेकिन 20 ऋणात्मक है। इसलिए प्राप्त परिणाम सामने ऋणात्मक का चिन्ह लगाएंगे। अतः परिणाम -8 होगा। इसी प्रकार यदि बड़ी संख्या धनात्मक होगी तो प्राप्त रिजल्ट भी धनात्मक होगा।

पूर्णांकों के गुणा

दो पूर्णांकों के गुणा में यदि दोनों संख्या धनात्मक है, तो परिणाम भी धनात्मक होगा। यदि एक संख्या ऋणात्मक है, टॉप प्राप्त परिणाम भी ऋणामतक होगा।

जैसे – 5×7 = 35 इसमें दोनों संख्याये धनात्मक है, तो परिणाम भी धनात्मक है। -5×7 = -35 इसमें एक संख्या ऋणात्मक है, तो इसका परिणाम भी ऋणात्मक है।

  • दो पूर्णांकों के गुना में यदि दोनों संख्या धनात्मक होगी तो परिणाम भी धनात्मक होगा।
  • दो पूर्णांकों के गुणा में यदि एक संख्या ऋणात्मक है तो परिणाम भी ऋणात्मक होगा।
  • दो पूर्णांकों के गुणा में यदि दोनों संख्याये ऋणात्मक होंगी तो परिणाम भी ऋणात्मक होगा।

पूर्णांकों के भाग

  • दो धन पूर्णांकों का भाग धन होता है।
  • एक धन और एक ऋण पूर्णांकों का भाग ऋण होता है।
  • एक ऋण और एक धन पूर्णांकों का भाग ऋण होता है।
  • दो ऋण पूर्णांकों का भाग ऋण होता है।

सबसे छोटी पूर्णांक संख्या कौन सी है?

सबसे छोटी पूर्णांक संख्या अभी तक ज्ञात नहीं है। -व् कह सकते है।

50 कौन सा पूर्णांक है?

50 धन पुराणक है। क्योकि 50, 0 से बड़ा है। 0 से बड़ी सभी संख्याये धनात्मक पूर्णांक (positive integer) है। दसमलव (decimal) और भिन्न संख्याओं को छोड़कर।

क्या सभी परिमेय संख्या पूर्णांक होती है?

नहीं! परिमेय संख्याये पूर्णांक संख्या नहीं हो सकती है।

सबसे बड़ी पूर्णांक संख्या

सबसे बड़ी पूर्णांक संख्या अभी तक ज्ञात नहीं है। को सबसे बड़ी पूर्णांक संख्या कह सकते है।

क्या 3.2 एक पूर्णांक संख्या है?

3.2 पूर्णांक संख्या नहीं है।

1 से 10 तक के पूर्णांक क्या हैं?

1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10

क्या 4 एक पूर्णांक संख्या है?

हाँ ! 4 एक पूर्णांक संख्या है।

क्या 0.2 एक पूर्णांक संख्या है?

नहीं! 0.2 एक पूर्णांक संख्या नहीं है। क्योकि यह दमसमलव संख्या है। दसमलव (decimal) संख्या पूर्णांक संख्या नहीं है।

क्या 7 एक पूर्णांक संख्या है?

7 एक पूर्णांक संख्या है। और साथ -साथ यह धनात्मक है, यह एक धनात्मक पूर्णांक (positive integer) है।

पूर्ण संख्या किसे कहते हैं? इसकी परिभाषा, प्रकार, गुण, उदहारण और लिस्ट PDF में

सभी धनात्मक पूर्णांकों और शून्य पूर्ण संख्या की श्रेणी में आते है। इनमे भिन्न, दशमलव, और ऋणात्मक संख्याएँ शामिल नहीं होती है। सभी प्राकृतिक संख्याएँ पूर्ण संख्याएँ होती है। हम इस अध्याय में पूर्ण संख्या किसे कहते है? इसकी परिभाषा, प्रकार, गुण, उदहारण और 1 से 100 तक की सभी पूर्ण संख्याओं की PDF सहित लिस्ट के बारे में जानेगे।

वैसे तो गणितीय भाषा में संख्याएँ कई प्रकार की होती है, जैसे प्राकृतिक संख्या, पूर्ण संख्या, भाज्य संख्या, अभाज्य संख्या, सम संख्या विषम संख्या आदि लेकिन इस अध्याय में हम पूर्ण संख्या के बारे में जानेगे।

पूर्ण संख्या किसे कहते हैं?

0 से अनंत तक की सभी धनात्मक संख्याओं को पूर्ण संख्या कहते है। इनमे भिन्न, दशमलव, ऋणात्मक आदि संख्याएँ शामिल नहीं है। सरल शब्दों में शून्य और सभी प्राकृतिक संख्याओं का समुच्चय को पूर्ण संख्या कहते है। हालांकि, शून्य एक अपरिभाषित पहचान है जो एक शून्य सेट या कोई परिणाम नहीं दर्शाता है।

पूर्ण संख्या की परिभाषा

0 के साथ प्राकृतिक संख्याओं का समुच्चय की पूर्ण संख्या होती है। जैसे – 0, 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9 ………..∞

 पूर्ण संख्या किसे कहते है ?
पूर्ण संख्या

0 से अनंत तक की सभी धनात्मक समुच्चय को पूर्ण संख्या कहते है। 1 से अनंत तक की सभी धनात्मक संख्याओं को प्राकृतिक संख्याएँ होती है, अतः हम यह कह सकते है की सभी प्राकृतिक संख्याएँ पूर्ण संख्या होती है। लेकिन सभी पूर्ण संख्याएँ प्राकृतिक संख्याएँ होती है।

  • सभी प्राकृत संख्याएँ पूर्ण संख्याएँ होती हैं।
  • सभी गिनती वाली संख्याएं पूर्ण संख्याएं होती हैं।
  • शून्य के साथ सभी धनात्मक पूर्णांक पूर्ण संख्याएँ होती हैं।
  • सभी पूर्ण संख्याएँ वास्तविक संख्याएँ होती हैं।

पूर्ण संख्या के गुण

पूर्ण संख्याओं पर मूल संक्रियाएँ: जोड़, घटाव, गुणा और भाग, पूर्ण संख्याओं के चार मुख्य गुणों की ओर ले जाते हैं, जो नीचे सूचीबद्ध हैं:

क्लोजर प्रॉपर्टी (Closure Property)
संबंधी संपत्ति (Associative Property)
क्रमचयी गुणधर्म (Commutative Property)
वितरण की जाने वाली संपत्ति (Distributive Property)

क्लोजर प्रॉपर्टी (Closure Property)

दो पूर्ण संख्याओं का योग और गुणनफल हमेशा एक पूर्ण संख्या होती है। उदाहरण के लिए, 7 + 3 = 10 (पूर्ण संख्या), 7 × 2 = 14 (पूर्ण संख्या)

संबंधी संपत्ति (Associative Property)

किन्हीं तीन पूर्ण संख्याओं का योग या गुणनफल वही रहता है, भले ही संख्याओं का समूह बदल दिया जाए। उदाहरण के लिए, जब हम निम्नलिखित संख्याओं को जोड़ते हैं तो हमें वही योग मिलता है: 10 + (7 + 12) = (10 + 7) + 12 = (10 + 12) + 7 = 29। इसी तरह, जब हम निम्नलिखित संख्याओं को गुणा करते हैं तो हम एक ही उत्पाद प्राप्त करें चाहे संख्याओं को कैसे समूहित किया जाए: 3 × (2 × 4) = (3 × 2) × 4 = 24।

क्रमचयी गुणधर्म (Commutative Property)

दो पूर्ण संख्याओं का योग और गुणन संख्याओं के क्रम को बदलने के बाद भी वही रहता है। यह गुण बताता है कि जोड़ के क्रम में परिवर्तन योग के मूल्य को नहीं बदलता है। मान लें कि ‘a’ और ‘b’ कम्यूटेटिव प्रॉपर्टी a + b = b + a के अनुसार दो पूर्ण संख्याएं हैं। उदाहरण के लिए, a = 10 और b = 19 10 + 19 = 29 = 19 + 10. इसका अर्थ है कि पूर्ण संख्याएँ योग के अंतर्गत बंद हैं। यह गुण गुणन के लिए भी सही है, लेकिन घटाव या भाग के लिए नहीं। उदाहरण के लिए: 7 × 9 = 63 और 9 × 7 = 63।

वितरण की जाने वाली संपत्ति (Distributive Property)

यह गुण बताता है, कि एक पूर्ण संख्या के गुणन को पूर्ण संख्याओं के योग में वितरित किया जाता है। इसका अर्थ है, कि जब दो संख्याओं, उदाहरण के लिए a और b को समान संख्या c से गुणा किया जाता है, और फिर जोड़ दिया जाता है, तो समान उत्तर प्राप्त करने के लिए a और b के योग को c से गुणा किया जा सकता है। इस स्थिति को इस प्रकार दर्शाया जा सकता है: a × (b + c) = (a × b) + (a × c)। मान लीजिए a = 10, b = 20 और c = 7 10 × (20 + 7) = 270 और (10 × 20) + (10 × 7) = 200 + 70 = 270। वही गुण घटाव के लिए भी सही है। . उदाहरण के लिए, हमारे पास एक × (बी – सी) = (ए × बी) – (ए × सी) है। मान लीजिए a = 10, b = 20 और c = 7 10 × (20 – 7) = 130 और (10 × 20) – (10 × 7) = 200 – 70 = 130।

संख्या क्या है? संख्या के प्रकार वास्तविक संख्या
अभाज्य संख्यापूर्णांक संख्या
पूर्ण संख्याविषम संख्या
पूर्ण संख्या और पूर्णांक संख्याप्राकृतिक संख्या
सम संख्या और विषम संख्या

1 से 100 तक की पूर्ण संख्याएँ

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प्राकृत और पूर्ण संख्या में अंतर

पूर्ण संख्याप्राकृतिक संख्या
पूर्ण संख्या 0 से अनंत तक होती है। प्राकृतिक संख्या 1 से अनंत तक होती है।
सबसे छोटी पूर्ण संख्या 0 है। सबसे छोटी प्राकृतिक संख्या 1 है।
सभी पूर्ण संख्याएँ प्राकृतिक संख्याएँ नहीं होती है। सभी प्राकृतिक संख्याएँ पूर्ण संख्याएँ नहीं होती है।
प्राकृत और पूर्ण संख्या में अंतर

पूर्ण संख्या और पूर्णांक में अंतर

पूर्ण संख्या पूर्णांक संख्या
0 से अनंत तक सभी धन संख्याएँ पूर्ण संख्या होती है। दसमलव, भिन्न, ऋणात्मक संख्याओं को छोड़कर सभी ऋणात्मक संख्याये और पूर्ण संख्याये पूर्णांक संख्या होती है।
यह ऋणात्मक नहीं हो सकती। यह ऋणात्मक होती है।
यह दसमलव नहीं सकती। यह दसमलव नहीं सकती।
यह भिन्न हो सकती है। यह भिन्न हो सकती है।

पूर्ण संख्या की गणना

स्फेरफाइएरफोई

पूर्ण संख्या कौन कौन सी होती है?

शून्य से अनंत तक की सभी संख्याएँ पूर्ण संख्या होती है।

पूर्ण संख्या कैसे निकाले?

शून्य से अनंत के बीच सभी धनात्मक संख्याएँ पूर्ण संख्याएँ होंगी ऋणात्मक, भिन्न, दसमलव संख्याओं को छोड़कर सभी संख्याएँ पूर्ण संख्या होगी।

सबसे छोटी पूर्ण संख्या कौन है?

सबसे छोटी पूर्ण संख्या 0 है।

क्या सभी प्राकृतिक संख्या पूर्ण संख्या है?

हाँ ! सभी प्राकृतिक संख्याएँ पूर्ण है, लेकिन सभी पूर्ण संख्या प्राकृतिक संख्या नहीं होती है।

क्या पूर्ण संख्या 1 से शुरू होती है?

नहीं ! सभी पूर्ण संख्याएँ 0 से शुरू होती है।

32 और 53 के बीच में कितनी पूर्ण संख्या है?

32 और 53 के बीच 33, 34, 35, 36, 37, 38, 39, 40, 41, 42, 43, 44, 45, 46, 47, 48, 49, 50, 51, 52 पूर्ण संख्याएँ है।

प्रथम पांच पूर्ण संख्या का माध्य क्या होगा?

प्रथम पांच पूर्ण संख्याएँ 0, 1, 2, 3, 4 माध्य 10/2 = 5, अतः प्रथम पांच पूर्ण संख्याओं का माध्य 5 है।

सबसे छोटी और सबसे बड़ी पूर्ण संख्या क्या है?

सबसे छोटी पूर्ण संख्या 0 और बड़ी संख्या अभी तक पता नहीं है, लेकिन सबसे बड़ी पूर्ण संख्या अनंत को कहा सकता है।

क्या शून्य पूर्ण संख्या है?

हाँ, 0 एक पूर्ण संख्या है।

विषम संख्या किसे कहते हैं? इसकी परिभाषा, प्रकार, गुण व उदाहरण PDF के साथ

इस अध्याय में हम जानेगे विषम संख्या किसे कहते हैं? विषम संख्या की परिभाषा, विषम संख्या के गुण व उदाहरण।

विषम संख्या किसे कहते हैं?

वे संख्याये जो दो से विभाजित नहीं होती है। इनको दो बराबर पूर्ण संख्याओं में नहीं बाटा जा सकता है। जैसे – 1, 3, 5, 7, 9, 11, 13 आदि।

विषम संख्या की परिभाषा

वे संख्याये जो 2 पूर्णतः विभाजित नहीं होती है या 2 से विभाजित होने वाली संख्याये विषम संख्या कहलाती है। उदहारण – 1, 3, 5, 7, 9, 11, 13, 15, 17, 19 आदि।

विषम संख्या के प्रकार

विषम संख्या के निम्न प्रकार है।

  • निरन्तर विषम संख्या (Consecutive Odd Numbers)
  • मिश्रित विषम संख्या (Composite Odd Number)

निरन्तर विषम संख्या (Consecutive Odd Numbers)

वे विषम संख्याये जिनके मध्य दो का अंतर होता है। निरन्तर विषम संख्या कहते है। जैसे – माना a एक विषम संख्या है, a+2 भी विषम संख्या होगी। a और a+2 दोनों निरन्तर विषम होंगी क्योकि इनमे 2 का अंतर है।

उदहारण – 15 और 17, 29 और 31, 3 और 5, 19 और 21 आदि. ऋणात्मक निरन्तर विषम संख्या -5 और -3, -13 और -11 आदि।

मिश्रित विषम संख्या (Composite Odd Number)

एक मिश्रित विषम संख्या एक धनात्मक विषम पूर्णांक है, जो दो छोटे धनात्मक पूर्णांकों को गुणा करके बनाई जाती है।

उदहारण -100 तक की मिश्रित विषम संख्याएँ – 9, 15, 21, 25, 27, 33, 35, 39, 45, 49, 51, 55, 57, 63, 65, 69, 75, 77, 81, 85, 87, 91, 93, 95, 99.

संख्या क्या है? संख्या के प्रकार वास्तविक संख्या
अभाज्य संख्यापूर्णांक संख्या
पूर्ण संख्याविषम संख्या
पूर्ण संख्या और पूर्णांक संख्याप्राकृतिक संख्या
सम संख्या और विषम संख्या

विषम संख्या के गुण

विषम संख्याओं के गुण जो निम्न है।

दो विषम संख्याओं का योग

दो विषम संख्याओं का योग सम होता है।

दो विषम संख्याओं का योग

जैसे- 3 (विषम संख्या) +5 (विषम संख्या) = 8 (सम संख्या) जैसा की 3 और 5 दोंनो विषम संख्याये है इनका योग 8 प्राप्त होता है। 8 एक सम संख्या है।

दो विषम संख्याओं का घटाव

दो विषम संख्याओं का घटाव सम संख्या होता है।

दो विषम संख्याओं का घटाव -m

जैसे- 5 (विषम संख्या) – 3 (विषम संख्या) = 2 (सम संख्या) जैसा की 5 और 3 दोंनो विषम संख्याये है, इनका योग 2 प्राप्त होता है। 2 एक सम संख्या है।

दो विषम संख्याओं का गुणा

दो विषम संख्याओं का गुणा विषम होता है।

दो विषम संख्याओं का गुणा

जैसे- 5 (विषम संख्या) x 3 (विषम संख्या) = 15 (विषम संख्या) जैसा की 5 और 3 दोंनो विषम संख्याये है, इनका योग 2 प्राप्त होता है। 15 एक विषम संख्या है।

दो विषम संख्याओं का भाग

दो विषम संख्याओं का भाग विषम होता है।

दो विषम संख्याओं का भाग

विषम संख्या 1 से 50 तक की संख्याये

विषम संख्या 1 से 100 तक की संख्याये

1 से 100 तक विषम संख्याओं की लिस्ट पीडीऍफ़ में

सबसे छोटी विषम संख्या कौन सी होती है?

1 सबसे विषम सह्य है।

दो अंको की सबसे छोटी विषम संख्या क्या है?

दो अंको की सबसे छोटी विषम संख्या 11 है।

1 सम संख्या है या विषम संख्या?

1 विषम संख्या है।

सबसे छोटी विषम अभाज्य संख्या कौन है?

सबसे छोटी विषम अभाज्य संख्या 3 है।

क्या शून्य विषम संख्या है?

शून्य एक सम संख्या है।

क्या अनंत विषम संख्या है?

अनंत न ही सम संख्या है और न ही विषम संख्या है।

क्या 2.5 विषम संख्या है?

2.5 न ही विषम संख्या है, और न ही सम संख्या है।