Category Archives: Science

ध्वनि तरंगों की प्रकृति कैसी होती है | SSC CHSL, RRB, UPSSSC, GROUP-D में आये महत्वपूर्ण प्रशन

ध्वनि तरंगों की प्रकृति कैसी होती है

ध्वनि तरंगों की प्रकृति कैसी होती है

1. ध्वनि तरंगे निर्वात से नही गुजरती करती है। क्योकि ध्वनि तरंगों को एक स्थान से दुसर स्थान तक जाने के लिए मध्यम की आवस्यकता होती है।
2. ध्वनि तरंगे तीन मध्यम ठोस, द्रव, गैस मे गमन करती है ।
3. ठोस मे ध्वनि की चाल अधिकतम होती है।
4. गैस मे ध्वनि की चाल सबसे कम होती है।
5. वायु मे ध्वनि की चाल 332 m/s होती है।
6.ध्वनि तरंगे की प्रकृति अनुप्रस्थ होती हैं।
1.निम्न मे कौन सा ध्वनि तरंगे के लिए सत्य है?





    Ans 0 c पर इसकी चाल 332 m/s होती है।.

2.ध्वनि तरंगों की प्रकृति कैसी होती है?





    Ans अनुदैर्ध्य.

3.चंद्रमा पर धरातल से दूर बिस्फोट सुनाई नही देता?





    Ans वायुमंडल की अनुपस्थि के कारण.

4. वायु मे ध्वनि की चाल 332 m/s होती है। यदि दाब बढ़ाकर दोगुना कर दिया जाए तो ध्वनि की चाल होगी?





    Ans 332 m/s.

5.निम्न द्रव्यों मे ध्वनि की चाल अधिकतम होती है?





    Ans स्टील Note ध्वनि की चाल ठोस मे सबसे अधिक और गैस मे सबसे कम होती है।
    .

6.बदलो मे बिजली की चमक के काफी समय बाद बदलो की गर्जन सुनाई देती है?





    Ans प्रकाश की चाल ध्वनि की चाल से अधिक होती है। Note Note – प्रकाश की चाल 3×10^10 m/s होती है और ध्वनि की चाल 332 m/s होती है जो प्रकाश की चाल से कम है। यही कारण है की प्रकाश पहले दिखाई देती है और ध्वनि बाद मे सुनाई देती है।

 जल के भौतिक और रासायनिक गुण भाग-1 

 भारत के प्रसिद्ध ऐतिहासिक एवं दर्शनीय स्थल भाग-2 

 यांत्रिकी भाग-3 

SSC General Science Questions In Hindi Part 2

1.क्रिकेट का खिलाडी तेजी से आती हुई गेद को क्यों अपने हाथो को पीछे खीचकर पकड़ता है?





    Ans (A) गेद विश्राम स्थिति में आ सकती है .

2.अश्व यदि एकांक चालन प्रारभ कर दे तो अस्वरोही के गिराने की आशंका का कारण है?





    Ans (C) विश्राम जड़त्व .

3.रॉकेट की कार्य प्रणाली की सिधांत पर आधारित है?





    Ans (A) सवेग संरक्षण.

4.चलती हुई बस अचानक ब्रेक लगाती है, तो उसमे बैठे यात्री आगे की दिशा की ओर गिरते है इसको किसके द्वारा समझाया जा सकता है?





    Ans (B) न्यूटन का पहला नियम.

5.गाड़ी खिचता हुआ घोडा किस बल के कारण आगे बदता है?





    Ans D) पृथवी द्वारा घोड़े के पैरो पर आरोपित बल के कारण.

6.न्यूटन के पहले नियम को भी कहते है?





    Ans (B) जड़त्व का नियम.

7.किसी पिण्ड के उस गुणधर्म को क्या कहते है जिससे वह सीधी रेखा में विराम या एकसमान गति की स्थिति में किसी भी परिवर्तन का विरोध करते?





    Ans (B) जड़त्व.

8.कोई पिंड तब तक विराम अवस्था में बना रहेगा जब तक उसपर कोई बाह्य बल नहीं कार्य करता?





    Ans (A) न्यूटन .

9.न्यूटन के गति नियमो के अनुसार कौन सा नियम सत्य है?





    Ans (A) प्रथम नियम से बल की परिभाषा ज्ञात किया जाता है.

10.जल में तैरना न्यूटन के किस नियम के कारण संभव है?





    Ans (C) तृतीय नियम.

11. प्रतेक क्रिया के बराबर व् विपरीत दिशा में एक प्रतिक्रिया होती है?





    Ans (C) न्यूटन का तृतीय नियम.

12. न्यूटन के गति तीसरे नियम के अनुसार क्रिया तथा प्रतिक्रिया से सम्बन्ध बल?





    Ans (B)अलग-अलग वस्तुओ पर लगे होने चाहिए.

13.किसी असंतुलित बल द्वारा किसी पिंड में उत्पन्न त्वरण?





    Ans (B) बल ब्युत्क्रमानुपति होता है.

14.किसी भी स्थिर या गतिशील वास्तु की स्थिति और दिशा तब तक कोई परिवर्तित नहीं होता जब तक कोई बाह्य बल सक्रीय न हो?





    Ans (A) न्यूटन का प्रथम नियम.

15.हाइड्रोजन से भरा हुआ गुब्बारा पृथवी तल से छोड़ा जाता है वायुमंडल की उचाई पर जाने से?





    Ans (C) गुब्बारे के आपाम में बृद्धि होगी.

16.वायुदाबमापी के रीडिंग में अचानक गिरावट इस बात का संकेत है की मौसम ?





    Ans (D) तूफान होगा.

17.प्रेसर कुकर में खाना जल्दी पकता है क्योकि?





    Ans (D) इसमे पानी का क्वाथांक का बढ़ जाता है.

18.साबुन के अंदर के बुलबुले का दाब?





    Ans (A) वायुमंडल के दाब से अधिक होता है.

19.उचाई के जगहों पर पानी 100 डिग्री से कम ताप पर क्यों उबलता है?





    Ans (A) (B) (C) (D).

20. हवाई जहाज में फाउंटेन पेन से स्याही बाहर निकल जाती है, क्योकि ?





    Ans (A) उचाई बढ़ने से वायुमंडल का दाब कम हो जाता है.

21.पहाड़ो पर कभी-कभी व्यक्तियों के नाक व मुह से खून निकल आता है क्योकि?





    Ans (C) उचाई बढ़ने से वायुमंडल दाब कम हो जाता है .

22.रेल की पटरियों के निचे लकड़ी या कंक्रीट की चौड़ी पट्टीया लगायी जाती है जिससे की?





    Ans (D) रेल द्वारा लगाया गया दाब कम हो जाये.

23.प्रायः तेज आधी आने पर फूस या टिनकी हल्की छत उड़ जाती है?





    Ans (C) छत के ऊपर बहाने वाली उच्च वेग की वायु छत सतह पर दाब उत्पन्न कराती है .

24.बर्फ के दो टुकड़ो को आपस में दबाने पर तुकडे चिपक जाते है क्योकि?





    Ans (A) दाब अधिक होने पर बर्फ का गलानक कम हो जाता है.

25.दलदल में फसे व्यक्ति को लेट जाने की सलाह दी जाती है?





    Ans (A) छेत्रफल अधिक होने से दाब कम हो जाता है.

26. भारी हिमखंड शीर्ष की अपेछा निचले तल से पिघलता है, क्योकि?





    Ans (B) दाब अधिक हो जाने से गलानक कम हो जाता है.

27. चौराहों पर पानी के फुहारे में गेंद नाचती है?





    Ans (A) पानी का वेग अधिक होने से दाब घट जाता है.

28. बांध के नीचे की दीवार मोटी बनाई जाती है क्योंकि?





    Ans (A) गहराई बढ़ने के साथ द्रव का दाब बढ़ता है.

29. तैराक को नदी के मुकाबले समुद्री पानी में तैरना आसान क्यों लगता है?





    Ans (C) समुंद्री पानी का घनत्व साधारण पानी से ज्यादा होता है.

30. वस्तु की मात्रा बदलने पर अपरिवर्तित रहेगा?





    Ans घनत्व.

31. वायुमंडल में बादलों के तैरने का कारण है?





    Ans(D) घनत्व.

32. जब कोई नाव नदी से समुंद्र में प्रवेश करती है तो?





    Ans (A) थोड़ी ऊपर की ओर उठ जाती है.

33. स्टील की गोली पारे पर क्यों तैरती है?





    Ans (B) पारे का घनत्व स्टील की अपेक्षा अधिक होता है.

सामर्थ्य/शक्ति की परिभाषा, सूत्र, मात्रक एवं महत्वपूर्ण प्रतियोगी प्रश्न

सामर्थ्य/शक्ति की परिभाषा, सूत्र, मात्रक एवं महत्वपूर्ण प्रतियोगी प्रश्न

 सामर्थ्य/शक्ति की परिभाषा

सामर्थ्य/शक्ति की परिभाषा, सूत्र, मात्रक एवं महत्वपूर्ण प्रतियोगी प्रश्न, सामर्थ्य की परिभाषा,  सामर्थ्य का सूत्र,  सामर्थ्य का मात्रक,  शक्ति की परिभाषा,  शक्ति के सूत्र, शक्ति के नियम, शक्ति का मात्रक

  “किसी व्यक्ति या वस्तु द्वारा इकाई समय में किया गया कार्य शक्ति या सामर्थ्य कहलाता है।”

सामर्थ्य/शक्ति का सूत्र

सामर्थ्य का सूत्र = किया गया कार्य/ समय P = w/t जहां w कार्य है t = समय F = बल s = विस्थापन P = F. S/t = F. U 1 वाट = 1 जूल प्रति सेकंड

सामर्थ्य/शक्ति का मात्रक

  • 1 किलो वाट 10³ वाट
  • 1 मेगा वाट = 1000³ वाट
  • 1 अश्वशक्ति = 746 वाट
  • 1 किलोवाट घंटा = 1 किलो वाट × 1 घंटा
  • 1 किलोवाट घंटा = 3.6 × 1000³
  • सामर्थ्य एक अदिश राशि है

सामर्थ्य/शक्ति के प्रतियोगी प्रश्न

  • कार्य करने की दर को कहते हैं? 
  1. शक्ति
  2. सामर्थ्य
  3. आवेग
  4. शक्ति सामर्थ दोनों

Answer – 4

  • 1 वाट घंटा होता है? 
  1.  1 जूल प्रति सेकंड
  2. 1: जूल × सेकंड
  3. 1 जूल × सेकंड²
  4. 1 जूल / सेकंड²

Answer – 1

  • सामर्थ्य का सूत्र होता है? 
  1. W/t 
  2. WT
  3. W/t²
  4. Wt²

Answer-1

  • सामर्थ्य का सूत्र है? 
  1. F. S
  2. F. S/t
  3. F. S/t²
  4. F. S. t

Answer-2

  • सामर्थ्य का सूत्र है? 
  1. F. U
  2. F. t
  3. F. s
  4. F. W

Answer-1

  • सामर्थ्य एक
  1. सदिश राशि है
  2. अदिश राशि है
  3. सदिश और अदिश दोनों
  4. None

Answer- 2

  • 1 किलो वाट घंटा? 
  1. 1000³ वाट
  2. 10³ वाट
  3. 746 वाट
  4. None

Answer-2

  • 1 मेगा वाट
  1. 1000³ वाट
  2. 10³ वाट
  3. 100³ वाट
  4. 746 वाट

Answer- 1

  • एक अश्व शक्ति =
  1. 746 वाट
  2. 745 वाट
  3. 748 वाट
  4. 749 वाट

Answer- 1

  • 1 किलो वाट घंटा
  1. 3.6×1000³ Jools
  2. 3.7×1000³ Jools
  3. 3.8×1000³ Jools
  4. 3.9×1000³ Jools

Answer- 1

कार्य की परिभाषा, सूत्र, मात्रक एवं महत्वपूर्ण प्रतियोगी प्रशन्न

कार्य की परिभाषा

कार्य की परिभाषा

किसी वस्तु पर किया गया कार्य वस्तु पर लगाए गए बल तथा बल की दिशा में उत्पन्न विस्थापन के गुणनफल के बराबर होता है। 

कार्य का सूत्र

कार्य का सूत्र = बल× बल की दिशा में विस्थापन

\mathbf{W= F.s}
  •  यदि बल ( F)  विस्थापन की दिशा में न लगकर ∅ कोण  लगता है तो इस दशा में कार्य  
\mathbf{W= F.s.Cos∅}
  • यदि बल ( F ) विस्थापन की दिशा में न लगकर 90 अंश पर लगता है तो इस दशा में W = 0 क्योंकि इस दशा में cos90 का मान शून्य होगा|
\mathbf{W= 0}
  • यदि बल ( F)  विस्थापन ( s)  की दिशा में लगे तो इस दशा में cos0 का मान 1 होगा 
\mathbf{W= F.s}
  • जब विस्थापन बल की विपरीत दिशा में होता है तब ∅ = 180  या cos180 = -1,  W = -F. s इस स्थिति में यह ऋणत्मक होगा 
\mathbf{W= -F.s}

 मात्रक 

यह एक अदिश राशि है जिसके मात्रक निम्न है

  1. MKS पद्धति में न्यूटन-मीटर अथवा जूल होता है
  2. CGS पद्धति में डाइन सेंटीमीटर या आर्ग होता है

1 जूल = 107 आर्ग  

संपूरक कोण पतंगाकार चतुर्भुज
आयत न्यून कोण
वृहत कोण पूरक कोण
अधिक कोण ऋजु कोण

भार की परिभाषा, सूत्र, मात्रक | भार का प्रतीक एवं महत्वपूर्ण प्रतियोगी प्रश्न

भार की परिभाषा || भार का सूत्र || भार का मात्रक || भार का प्रतीक एवं महत्वपूर्ण प्रतियोगी प्रश्न

भार की परिभाषा

भार की परिभाषा

  जिस बल से पृथ्वी किसी वस्तु को अपनी ओर आकर्षित करती है। उसे उस वस्तु का भार कहते हैं। इस का मान पृथ्वी के विभिन्न स्थानों पर भिन्न-भिन्न होता है।   

भार का सूत्र

भार का सूत्र – W = mg जहां w = भार,  m = द्रव्यमान,  g = गुरुत्वीय त्वरण

 भार का मात्रक

भार का मात्रक न्यूटन होता है। 

भार का प्रतीक

 भार का प्रतीक यानी इसे W से प्रदर्शित किया जाता है। 

 भार पर आधारित महत्वपूर्ण प्रश्न

  • भार का सूत्र होता है? 
  1. W = mg
  2. W = m/g
  3. W = m-g
  4. None

Answer- 1 ✅

  • 5kg द्रव्यमान वाली वस्तु का भार होगा? 
  1. 35
  2. 40
  3. 45
  4. 50

Answer- 50 ✅

Solve – formula W = mg  ⏩ m = 5, g = 10 ⏩ W = 5×10 ⏩ W = 50

हल – परिमाप सूत्र = 2(5+6) = 22 cm

समचतुर्भुज समान्तर चतुर्भुज
आयत वर्ग

द्रव्यमान की परिभाषा || द्रव्यमान का मात्रक एवं महत्वपूर्ण प्रतियोगी प्रश्न

द्रव्यमान की परिभाषा || द्रव्यमान का मात्रक

द्रव्यमान की परिभाषा

द्रव्यमान की परिभाषा

  किसी वस्तु में विधमान द्रव्य के संपूर्ण परिणाम को उस वस्तु का द्रव्यमान कहा जाता है। द्रव्यमान को सहति या मात्रक भी कहते हैं। इसका मान सभी स्थानों पर निश्चित रहता है। 

मात्रक 

इसका का मात्रक k.g. है। इसे m से प्रदर्शित करते हैं।     

  • किसी वस्तु में विद्यमान द्रव्य के संपूर्ण परिणाम को कहते हैं? 
  1. भार 
  2. द्रव्यमान
  3. ऊर्जा
  4. बल

Answer – 2

  • द्रव्यमान का मात्रक है? 
  1. Kg-cm²
  2. Kg
  3. Kg/cm
  4. Kg/cm²

Answer – Kg

  • द्रव्यमान का मान भौगोलिक की स्थिति के अनुसार? 
  1. अपरिवर्तित होता है
  2. परिवर्तित होता है
  3. परिवर्तित अपरिवर्तित दोनों
  4. उपरोक्त में कोई नहीं

Answer- 1

बॉयल का नियम आदर्श गैस समीकरण का नियम 
ओम का नियम
समचतुर्भुज समान्तर चतुर्भुज
आयत वर्ग

बॉयल का नियम ll बॉयल के नियम परिभाषा ll बॉयल के नियम का सूत्र

बॉयल का नियम ll बॉयल के नियम परिभाषा ll बॉयल के नियम का सूत्र

बॉयल का नियम

स्थिर ताप पर किसी निश्चित द्रव्यमान की गैस का आयतन उसके दाब के व्युत्क्रमानुपाती होता है| यदि, V तथा दाब, p हो तो
                   

 

बॉयल का नियम ll बॉयल के नियम परिभाषा ll बॉयल के नियम का सूत्र

 
                                                    V ∝ (1/P) 

या
                         PV = नियतांक
यदि स्थिर ताप पर किसी निश्चित द्रव्यमान की गैस का p1  दाब पर दाब पर आयतन V1 है तथा दाब P2 कर देने पर उसका आयतन V2 हो जाता है तो बॉयल के नियम से, 
P1V1 = PշVշ

बॉयल के नियम का सूत्र

 V ∝ (1/P)
P1V1 = PշVշ

बॉयल का नियम उदाहरण

  • स्थिर ताप पर, किसी गैस का आयतन 2 गुना करने पर इसका हो दाब जाएगा
  1. दोगुना
  2. आधा
  3. 4 गुना
  4. एक चौथाई
  • बॉयल के नियम के अनुसार यदि किसी गैस का दाम बढ़ा दिया जाए तो उसका आयतन
  1. बढ़ेगा
  2. घटेगा
  3. पहले बढ़ेगा फिर घटेगा
  4. पहले घटेगा फिर बढ़ेगा
  • बायल नियम में क्या नियत रहता है? 
  1. PV
  2. TV
  3. V/R
  4. p/T
  • एक गैस का आयतन 15 डिग्री सेल्सियस पर 300 सेंटीमीटर क्यूब है? आयतन 600 सेंटीमीटर क्यूब करने के लिए उसका तापक्रम होना चाहिए? 
  1. 30
  2. 300
  3. 303
  4. 576

T1 = 15+273 = 288K

V1 = 300 cm3
V2 = 600 cm3
T2 =?  
(V1/T1) = (V2/T2) 
T2 = V2T1/V1  = (600×288) /300 = 576
t = 576 – 273 = 303 oC 

सेल्सियस टॉॉप में 273 डिग्री सेल्सियस जोर देने पर तापमान में बदल जाता है अर्थात परम ताप

K = t + 273
स्मरणीय तथ्य
  • जीरो डिग्री सेल्सियस अथवा 273K को मानक ताप तथा 760 मिमी अथवा 76 से मी दाब को मानक दाब माना जाता है|
  • गणना करने के लिए ताप को 273 जोड़कर तापमान में जरूर परिवर्तन कर लेना चाहिए|
  • स्थिर दाब पर किसी गैस की निश्चित ताप मात्रा का आयतन उसका ताप 0 डिग्री सेल्सियस से बढ़ाकर 1 डिग्री सेल्सियस कर देने पर प्रारंभिक वेतन से एक बटा 273 भाग बढ़ जाता है|
  • इसी प्रकार तापमान जीरो डिग्री सेल्सियस से बढ़ाकर – 1 डिग्री सेल्सियस कर देने पर गैस का आयतन प्रारंभिक आयतन का एक बटा 273 भाग घट जाता है|
  • किसी गैस की किसी एक सूचना छिद्र से होकर दूसरी ओर जाने की क्रिया को गैसीय मिश्रण अथवा अपहरण कहते हैं इसकी दर भी घनत्व के वर्गमूल के विरुद्ध समानुपाती होती है
  • उच्च ताप तथा कम दाम पर सभी वास्तविक गैस आदर्श गैस व्यवहार प्रदर्शित करती हैं
  • जीरो केल्विन को परम ताप कहते हैं जो – 273.15 डिग्री सेल्सियस या माइनस 459 दशमलव 67 फॉरेनहाइट होता है
  • आदर्श गैस काल्पनिक गैस होती है

आदर्श गैस समीकरण का नियम || आदर्श गैस समीकरण पर आधारित महत्वपूर्ण प्रश्न

आदर्श गैस समीकरण का नियम || आदर्श गैस समीकरण पर आधारित महत्वपूर्ण प्रश्न

आदर्श गैस समीकरण का नियम

आदर्श गैस समीकरण का नियम || आदर्श गैस समीकरण पर आधारित महत्वपूर्ण प्रश्न
  1. एक आदर्श गैस वह गैस है। जो निम्नलिखित गैस नियमों का पालन करती है। 
  • मानक ताप एवं दाब (0०C या 32F  तथा 760mm दाब) की स्थिति में एक गैस के एक मोल का आयतन 22.4 होता है। 
  • यदि तापमान तथा गैस की मोल संख्या स्थिर रहे तो आयतन, दाब का व्युत्क्रम अनुपात होता है। 
  • यदि दाब तथा गैस की मूल संख्या स्थिर रहे तो आयतन परम ताप में परिवर्तन के समानुपाती होता है। 
  • यदि ताप एवं दाब स्थिर रहे तो गैस का आयतन गैस की मूल संख्या में परिवर्तन के समानुपाती होता है। 

इस नियमों को एक सूत्र द्वारा व्यक्त किया जाता है। 

आदर्श गैस समीकरण

                                                            pV = nRT
 जहां p = गैस का दाब
V = आयतन
T = परम ताप
n = मोल की संख्या
R = एक स्थिरांक है

आदर्श गैस समीकरण पर आधारित महत्वपूर्ण प्रश्न

  • किसी गैस का तापमान तथा गैस की मूल की संख्या स्थिर रहे तो उसका आयतन दाब के?
  1. समानुपातिक होगा। 
  2. व्युत्क्रमानुपाती होगा। 
  3. उपरोक्त में दोनों सही है। 
  4. कोई भी विकल्प सही नहीं है। 
  • यदि किसी गैस का दाब तथा गैस की मोलो की संख्या स्थिर रहे तो आयतन परम ताप में परिवर्तन के
  1. समानुपातिक होगा। 
  2. व्युत्क्रमानुपाती होगा। 
  3. उपरोक्त में दोनों सही है। 
  4. कोई भी विकल्प सही नहीं है। 
  • यदि ताप एवं दाब स्थिर रहे तो गैस का आयतन गैस की मोल की संख्या में परिवर्तन के
  1. समानुपातिक होगा। 
  2. व्युत्क्रमानुपाती होगा। 
  3. उपरोक्त में दोनों सही है। 
  4. कोई भी विकल्प सही नहीं है। 
  • आदर्श गैस समीकरण का सूत्र है? 
  1. pV = nRT
  2. pT = nRV
  3. RT = npV
  4. VT = npR
  1. 11.2 lit
  2. 12.2 lit
  3. 13.2 lit
  4. 14.2 lit

 आदर्श गैस समीकरण के सूत्र से, 

PV = nRT
P = 1 वायुमंडल
T = 273K 
V =  ?
R = 0.0820 L atm K -1 mol-1
गैस के मूल की संख्या,  n = गैस का भार/ गैस का अणुभार
= 1/2 = 0.5
 आदर्श गैस समीकरण का मान रखने पर
V = 0.5×0.0820×273/1 = 11.2 lit

वर्ण विक्षेपण की परिभाषा ll वर्ण विक्षेपण का कारण ll वर्ण विक्षेपण के उदाहरण ll वर्ण विक्षेपण का रंग

वर्ण विक्षेपण की परिभाषा ll वर्ण विक्षेपण का कारण ll वर्ण विक्षेपण के उदाहरण ll वर्ण विक्षेपण का रंग

वर्ण विक्षेपण की परिभाषा

किसी पारदर्शी माध्यम के गुजरने पर श्वेत प्रकाश के अपने अवयव रंगों में विभक्त होने की क्रिया को विक्षेपण कहते हैं|
ऐसा विभिन्न वर्ण में भिन्न-भिन्न  विचलन के कारण होता है|( विभिन्न तरंग दैर्ध्य के प्रकाश की चाल भिन्न भिन्न होती है) 

वर्ण विक्षेपण का कारण

वर्ण विक्षेपण का कारण विभिन्न वर्गों मैं भिन्न-भिन्न विचलन के कारण होता है| ऐसा अलग अलग तरंगदैर्ध्य के कारण होता है|

वर्ण विक्षेपण के उदाहरण

 वर्ण विक्षेपण के उदाहरण हम प्रिज्म की सहायता से समझेंगे, जैसा कि निम्न चित्र में दिखाया गया है, एक प्रिज्मा जब प्रिज्म पर सूर्य का प्रकाश पड़ता है तो वह सात अलग-अलग रंगो में विभाजित हो जाता है इससे यह पता चलता है कि सूर्य का प्रकाश कई रंगों से मिलकर बना होता है|

 

वर्ण विक्षेपण की परिभाषा ll वर्ण विक्षेपण का कारण ll वर्ण विक्षेपण के उदाहरण ll वर्ण विक्षेपण का रंग

वर्ण विक्षेपण का रंग 

वर्ण विक्षेपण का रंग प्रिज्मा से निकलने पर चित्र अनुसार प्रकाश सात रंग प्राप्त होते हैं वर्ण विक्षेपण की परिभाषा
  1. बैगनी (V)
  2. आसमानी (I)
  3. नीला (B)
  4. हरा (G)
  5. पीला (Y)
  6. नारंगी (O)
  7. लाल (R)

वर्ण विक्षेपण पर आधारित महत्वपूर्ण प्रश्न

  • श्वेत प्रकाश में रंग होते हैं? 
  1. 3
  2. 4
  3. 5
  4. 7
  •  जो वस्तुएं सभी रंगो को परावर्तित कर देती है। उसका रंग होता है? 
  1. श्वेत
  2. पीला
  3. लाल
  4. नीला
  • जो वस्तुएं सभी रंगों को अवशोषित कर लेती हैं उनका रंग होता है? 
  1. श्वेत
  2.  काला
  3. हरा
  4. लाल
  • वर्ण विक्षेपण की घटना का कारण होता है? 
  1. श्वेत प्रकाश किरण का प्रेस द्वारा पृथक होना। 
  2. प्रकाश का परावर्तन। 
  3. प्रिज्मा पदार्थ का अपवर्तनांक विन विन तरंग दैर्ध्य के लिए भिन्न-भिन्न होना। 
  4. उपरोक्त में से कोई नहीं
  • विचलन कोण का मान निर्भर करता है? 
  1. प्रिज्मा के कोण पर
  2. प्रिज्म के पदार्थ के अपवर्तनांक पर
  3. उपरोक्त में से कोई नहीं
  4. उपरोक्त में दोनों सही है
  • जब श्वेत प्रकाश वायु से कांच में प्रवेश करता है तो? 
  1. प्रकाश के सभी रंग समान अवयव चाल से चलते हैं। 
  2. लाल प्रकाश सबसे अधिक चाल से चलता है। 
  3. बैगनी प्रकाश सबसे अधिक चाल से चलता है। 
  4. प्रकाश के रंग व चाल में कोई संबंध नहीं है। 
  • निम्नलिखित में से प्रकाश के किस रंग की तरंग दैर्ध्य अधिक लंबी होती है। 
  1. हरा रंग 
  2. पीला रंग 
  3. बैगनी रंग 
  4. लाल रंग

दर्पण की परिभाषा || समतल दर्पण || गोलीय दर्पण || समतल दर्पण से बनने वाले प्रतिबिंब की संख्यासंख्या

 दर्पण की परिभाषा || समतल दर्पण || गोलीय दर्पण || समतल दर्पण से बनने वाले प्रतिबिंब की संख्यासंख्या

दर्पण की परिभाषा

कोई चिकना तल जिसके एक पृष्ठ पर पालिश करके दूसरे पृष्ठ को परावर्तक बना दिया जाता है दर्पण कहलाता है|
दर्पण दो प्रकार के होते हैं|

समतल दर्पण 

यदि किसी समतल कांच की प्लेट की एक और चांदी की पालिश की जाए तो वह समतल दर्पण बन जाता है|

 

 दर्पण की परिभाषा || समतल दर्पण || गोलीय दर्पण || समतल दर्पण से बनने वाले प्रतिबिंब की संख्यासंख्या

गोलीय दर्पण

वक्री है पृष्ठ वाले चिकने परावर्तक तल को गोलीय दर्पण कहते हैं|

 

 दर्पण की परिभाषा || समतल दर्पण || गोलीय दर्पण || समतल दर्पण से बनने वाले प्रतिबिंब की संख्यासंख्या

समतल दर्पण से बनने वाले प्रतिबिंब की संख्यासंख्या

यदि दो दर्पण के बीच का कोड ∅ है तो उसके बीच रखी वस्तु के प्रतिबिंब की संख्या 
n = 360/∅ – 1      ( यदि 360/∅ सम है) 
यदि n = 360/∅-1 का मान पूरा अंक ना हो तो प्रतिबिंब की संख्या अगले पूर्णांक के बराबर होती है|
समतल दर्पण से संबंधित महत्वपूर्ण तथ्य
  1. किसी व्यक्ति को अपना पूरा प्रतिबिंब देखने के लिए दर्पण की लंबाई व्यक्ति की ऊंचाई से आधी होनी चाहिए|
  2. प्रतिबिंब का आकार वस्तु के आकार के बराबर होता है|
  3. समतल दर्पण की फोकस दूरी अनंत तथा क्षमता 0 होती है|
  4. यदि वास्तु समतल दर्पण की ओर v चाल से गति करती है,  तो प्रतिबिंब की ओर वस्तु की सापेक्षिक चाल 2v होती है

समतल दर्पण का घूमना

यदि समतल दर्पण को ∅ कोर पर घुमा दिया जाए तो परावर्तित किरण 2∅ कोड गुम जाती है
 कुछ महत्वपूर्ण प्रश्न
  • यदि दो समतल दर्पण के बीच का कोण 50 है तो उनके बीच रखी वस्तु के प्रतिबिंब की संख्या ज्ञात कीजिए? 

हल

 प्रतिबिंब की संख्या 
n = 360/∅ -1
    = 360/50 – 1
n = 6.2
क्योंकि यान का मान पूर्णांक नहीं है अतः प्रतिबिंब की संख्या साथ होगी
  • कोई मनुष्य समतल दर्पण की और 50 सेंटीमीटर की दूरी से 10 सेंटीमीटर प्रति सेकंड के वेग से चल रहा है 3 सेकंड के पश्चात मनुष्य और उसके प्रतिबिंब के बीच की दूरी होगी

हल

दर्पण की ओर चली दूरी = 3×10 = 30 मीटर
मनुष्य की दर्पण से दूरी = 50 – 30 = 20 मीटर
अतः मनुष्य तथा प्रतिबिंब के बीच की दूरी

 = 20+20 = 40 मीटर