प्राकृतिक संख्या की परिभाषा, सूत्र, योगफल एव महत्वपूर्ण प्रशन || सबसे बड़ी प्राकृतिक संख्या कौन सी है

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इस आर्टिकल में प्राकृतिक संख्या की परिभाषा, सूत्र, योगफल एव महत्वपूर्ण प्रशन को विस्तार से बताया गया है सबसे बड़ी प्राकृतिक संख्या कौन सी है और सबसे छोटी प्राकृतिक संख्या कौन सी है 

प्राकृतिक संख्या

प्राकृतिक संख्या की परिभाषा, सूत्र, योगफल एव महत्वपूर्ण प्रशन || सबसे बड़ी प्राकृतिक संख्या कौन सी है

जिन संख्याओं से वस्तुओं की गणना की जा सकती है  उन्हें प्राकृतिक संख्या कहते है। क्योंकि किसी किसी भी वस्तु की काउंटिंग धनात्मक संख्या में होती है। प्राकृतिक संख्या धनात्मक होती है। प्राकृतिक संख्याओं में शून्य को शामिल नहीं किया गया है।

ये संख्ये 1 से सुरु होकर अनंत तक समाप्त होती है ।
N = 1,2,3,4,5 ——— 

प्राकृतिक संख्या पर आधारित महत्वपूर्ण प्रश्न

प्राकृतिक संख्याओं का योग कैसे ज्ञात करें?

 प्राकृतिक संख्याओं का योग ज्ञात करने के लिए निम्न सूत्र का प्रयोग करते हैं ।

  • क्या प्रतेक पूर्ण संख्या प्राकृतिक संख्या है?

उत्तर – शून्य को छोड़कर सभी पूर्ण संख्या, प्राकृतिक संख्या है| क्याकि पूर्ण संख्या का मान शून्य से अनंत तक होता है| वही प्राकृतिक संख्या एक से अनंत तक होती है|

  • 25 और 36 के बीच कितनी प्राकृतिक संख्या है?

25 और 36 के बीच 10 प्राकृतिक संख्या है| (26, 27, 28, 29, 30, 31, 32, 33, 34, 35)

  • प्राकृतिक संख्याओं का योग = संख्याओं का औसत × संख्याएं

प्रश्न-1  1 से 100 तक की प्राकृतिक संख्याओं का औसत?

हल –  संख्याओं का औसत = कुल संख्याओं का योग / कुल संख्याएं
संख्याओं का औसत = (1+100) /2 = 101/2 = 50.5

प्रश्न-2 1 से 100 तक की प्राकृतिक संख्याओं का योग ज्ञात कीजिए?
हल –  प्राकृतिक संख्याओं का योग = संख्याओं का औसत ×  संख्याएं
प्राकृतिक संख्याओं का योग = 50.5×100
= 5050 ans

प्रश्न-3  1 से 100 तक सम संख्याओं का औसत ?
हल-   संख्याओं का औसत =  कुल संख्याओं का योग × कुल संख्याएं
संख्याओं का औसत = (2+100) /2 = 102/2 = 51 ans

प्रश्न-4  1 से 100 तक सम संख्याओं का योग?
हल-    प्राकृतिक संख्याओं का योग = औसत × कुल संख्याएं
प्राकृतिक सम संख्याओं का योग = 51×51 = 2550

प्रश्न-5  1 से 100 तक विषम संख्याओं का योग और औसत?
हल-   विषम संख्याओं का औसत = कुल संख्याओं का योग / कुल संख्याएं
विषम संख्याओं का औसत =  संख्याओं का योग ×  कुल संख्याएं
विषम संख्याओं का औसत = (1+99) /2 = 50
विषम संख्याओं का योग = 50×50 = 2500

  प्राकृतिक संख्याओं के सूत्र

  1. प्रथम n प्राकृतिक संख्याओं का औसत = (n+1) /2
  2.  प्रथम n प्राकृतिक सम संख्याओं का औसत = n+1
  3. प्रथम n प्राकृतिक विषम संख्याओं का औसत = n
  4. लगातार n तक प्राकृतिक सम संख्याओं का औसत
  5. लगातार यन तक विषम प्राकृतिक संख्या का योग = (n/2+1)
  6. लगातार यन तक विषम प्राकृतिक संख्याओं का औसत = (n+1) /2

प्रथम बीस प्राकृतिक संख्या कौन सी है?

12345
678910
1112131415
1617181920

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This Post Has One Comment

  1. Unknown

    50 se 90 ki abhajy sankhyaon ka yog hota he

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