समांतर चतुर्भुज के विकर्ण, परिमाप, क्षेत्रफल के सूत्र व परिभाषा

समांतर चतुर्भुज की परिभाषा

समांतर चतुर्भुज की परिभाषा

समांतर चतुर्भुज -चार भुजाओ से घिरी वह आकृति जिसके आमने सामने की भुजाये सामान और समान्तर होती है ।

या चार भुजाओं से गिरी वह आकृति, जिसमें सम्मुख भुजाएं अर्थात आमने-सामने की भुजाएं बराबर

और समांतर होते है इसके सम्मुख कोण भी बराबर होते हैं ।

गुण

समांतर चतुर्भुज के गुण

सम्मुख भुजाएं बराबर होती है।
सम्मुख कोण बराबर होते है।

क्षेत्र

चतुर्भुज के चारों भुजाओं से घिरा द्वीविमीय भाग ही चतुर्भुज का क्षेत्रफल है।

क्षेत्रफल सूत्र

2\times आधार\times ऊंचाई 2\times ΔABD-का-क्षेत्रफल कर्ण\times कर्ण-की-लम्बाई

क्षेत्रफल कैसे ज्ञात करे?

दोस्तों आपने समांतर चतुर्भुज की परिभाषा के बारे में पढ़ लिया आइए जानते हैं इसके क्षेत्रफल को कौन-कौन सी विधियों द्वारा ज्ञात किया जा सकता है । उपरोक्त चित्र में प्रदर्शीत किया गया है ।

इसकी चार भुजाएं AB, DC और DA, CB आपस में समांतर हैं यानि AB भुजा DC के समांतर है .और भुजा DA CB के समांतर है चतुर्भुज का क्षेत्रफल ज्ञात करने के लिए

इस चतुर्भुज के आधार की लंबाई और इसकी लंबवत ऊंचाई के गुणनफल के बराबर होता है

A= b\times h

जहाँ A क्षेत्रफल, b आधार और h उचाई है।

परिमाप

\frac{क्षेत्रफल}{कर्ण-की-लम्बाई}

संपूरक कोण पतंगाकार चतुर्भुज
आयत न्यून कोण
वृहत कोण पूरक कोण
अधिक कोण ऋजु कोण

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