विलयन क्या है? विलयन कितने प्रकार के होते हैं?

विलयन क्या है?

जब दो या दो से अधिक पदार्थो का समांगी मिश्रण होता है तो उसे विलयन कहते है।
विलयन में पदार्थो के कणो का आकर लगभग 1 नैनो मीटर से भी छोटा रखा जाता है
जैसे – जब चीनी को हम पानी में मिलाते है तो हमें समांगी मिश्रण प्राप्त होता है। इस समांगी मिश्रण को ही चीनी में पानी का विलयन कहते है।
जैसे – क्लोरोफॉर्म और नाइट्रोजन का मिश्रण ,ऑक्सीजन और नाइट्रोजन का मिश्रण।
विलयन के अन्दर दो गुण होते है , विलेय और विलायक

विलेय क्या है?

किसी विलयन में जो पदार्थ घुलने का कार्य करता है उसे विलेय कहते है या किसी समांगी विलयन में पदार्थ की उपस्थित कम मात्रा को विलेय कहते है

विलायक क्या है?

किसी समांगी विलयन में पदार्थ की अधिक मात्रा को विलायक कहते है ,या जिसमे विलेय पदार्थ घुलने का कार्य करता है उस पदार्थ को विलायक कहते है।

विलयन कितने प्रकार के होते हैं?

विलयन को सांद्रता या विलेय के आधार पर 5 प्रकार से और विलयन के अवयवों के आधार पर 3 प्रकार से विभाजित किया गया है,जो निम्न प्रकार से है।

सांद्रता के आधार पर विलयन कितने प्रकार के होते हैं?

किसी विलयन में घुली हुई मात्रा के आधार पर विलयन 5 प्रकार के ही हो सकते है।

1-तनु विलयन

जब किसी विलयन में विलायक की मात्रा अधिक और विलेय की मात्रा कम होती है तो ऐसे विलयन को तनु विलयन कहते है

2-सांद्र विलयन

जब किसी विलयन में विलेय की मात्रा अधिक और विलायक की मात्रा कम हो तो ऐसे विलयन को सान्द्र विलयन कहते है।

3-संतृप्त विलयन

विलयन का वह निश्चित ताप जिसपर विलेय की और अधिक मात्रा घोला नहीं जा सकता , उसे संतृप्त विलयन कहते है।

4-असंतृप्त विलयन

विलयन का वह निश्चित अवस्था जिसपर विलेय की और अधिक मात्रा को घोला जा सके, उसे असंतृप्त विलयन कहते है।

5-अतिसंतृप्त विलयन

ऐसा विलयन जिसमे विलेय पदार्थ की मात्रा अधिक और संतृप्त विलयन की मात्रा कम होती है तो ऐसे विलयन को अतिसंतृप्त विलयन कहते है।

विलयन के अवयवों के आधार पर विलयन कितने प्रकार के होते हैं?

विलयन के अवयवों के आधार पर विलयन 3 प्रकार के होते है ,जो निम्न प्रकार से है।

1-गैसीय विलयन

वह विलयन जिसमे विलायक गैसीय अवस्था में हो ,गैसीय विलयन कहलाता है।
गैसीय विलयन को निम्न प्रकार से बाटा गया है। –

1(a)- गैस -गैस का विलयन

गैस का वह विलयन जिसमे विलायक और विलेय दोनों ही गैस के ही अवस्था में हो तो उसे गैस – गैस का विलयन कहते है।
जैसे- ऑक्ससीजन तथा नाइट्रोजन गैस का मिश्रण, ऑक्ससीजन तथा कार्बन-डाई आक्साइड गैस का मिश्रण।

1(b)-द्रव -गैस का विलयन

वह विलयन जिसमे विलेय द्रव की अवस्था में हो और विलायक गैस की अवस्था में हो तो ऐसे विलयन को द्रव – गैस का विलयन कहते है।
जैसे- क्लोरोफॉर्म तथा नाइट्रोजन

1(c)- ठोस -गैस का विलयन

गैस का वह विलयन जिसमे विलेय ठोस अवस्था में हो और विलायक गैस अवस्था में हो तो ऐसे विलयन को ठोस -गैस का विलयन कहते है
जैसे-कपूर तथा नाइट्रोजन।

2-द्रव विलयन

वह विलयन जिसमे विलायक द्रव अवस्था में हो द्रव विलयन कहलाता है।
द्रव विलयन को भी तीन भागो में बाटा गया है-

2(a)- द्रव -द्रव का विलयन

विलयन की वह अवस्था जिसमे विलायक और विलेय दोनों ही द्रव अवस्था में हो तो ऐसे विलयन को द्रव- द्रव का विलयन कहते है।
जैसे- सिरका तथा जल।

2(b)- ठोस -द्रव का विलयन

ऐसा विलयन जिसमे विलेय ठोस अवस्था में हो और विलायक द्रव अवस्था में हो तो ऐसे विलयन को ठोस -द्रव का विलयन कहते है।
जैसे- चीनी और जल का विलयन।

2(c)- गैस – द्रव का विलयन

ऐसा विलयन जिसमे विलेय गैस अवस्था मे हो और विलायक द्रव अवस्था में हो तो ऐसे विलयन को गैस -द्रव का विलयन कहते है।

3-ठोस विलयन

वह विलयन जिसमे विलायक ठोस अवस्था में हो उसे ठोस विलयन कहते है।
ठोस विलयन को विलेय की अवस्था के अनुसार तीन प्रकार के हो सकते है। –

3(a)-ठोस -ठोस का विलयन

विलयन की वह अवस्था जिसमे विलेय और विलायक दोनों ही ठोस अवस्था में हो तो ऐसे को ठोस -ठोस का विलयन कहते है।
जैसे – ताँबा तथा सोने का विलयन , जिंक तथा लोहे का विलयन।

3(b)- गैस -ठोस का विलयन

विलयन की वह अवस्था जिसमे विलेय गैसीय अवस्था में हो लेकिन विलायक ठोस अवस्था में हो ऐसे विविलयन को गैस -ठोस का विलयन कहते है।
जैसे- हाइड्रोजन तथा पैलेडियम।

3(c)- द्रव -ठोस का विलयन

ऐसा विलयन जिसमे विलेय द्रव अवस्था में हो लेकिन विलायक ठोस अवस्था में हो तो ऐसे विलयन को द्रव – ठोस का विलयन कहते है।
जैसे- पारा तथा सोडियम का विलयन ,ऐसे अवेलगम भी कहते है।

मिश्रण

जब दो या दो से अधिक तत्वों या यैगिक को मिलाने पर जो पदार्थ बनता है उसे मिफरन कहते है।
जैसे – चीनी और पानी एक मिश्रण है।

मिश्रण कितने प्रकार के होते हैं?

रचना के आधार पर मिश्रण को दो प्रकार से बाटा गया हैजो निम्न प्रकार से है –

समांगी मिश्रण

मिश्रण की वह अवस्था जिसमे अवयवी तत्तो या पदार्थो को अलग-अलग नहीं देखा जा सके ,ऐसे मिश्रण को समांगी मिश्रण कहते है।
जैसे – दूध ,शरबत,वायु ,पीतल ,तथा स्टील आदि।

विषमांगी मिश्रण

ऐसे मिश्रण जिसमे अवयवी तत्वों या यैगिक को अलग -अलग देखा जा सकता है ऐसे मिश्रण को विषमांगी मिश्रण कहते है।
जैसे – मिटटी का तेल और पानी का मिश्रण।

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